अहमदाबाद में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। भारी बारिश के कारण सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और परिवहन सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गईं। ऐसे मुश्किल हालात में स्कूल प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन टीमों को फंसी हुई बसों और छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
शहर के वेजलपुर इलाके में बेकरी सिटी के पास ए-वन स्कूल के छात्रों को ले जा रही एक बस गहरे पानी में फंस गई। गनीमत यह रही कि बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना में किसी भी बच्चे को कोई चोट नहीं आई और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
खराब मौसम को देखते हुए कई स्कूलों ने समय से पहले छुट्टी की घोषणा कर दी थी, लेकिन जलभराव के कारण बसें सड़कों पर उतर ही नहीं पाईं। मकरबा स्थित डीएवी इंटरनेशनल स्कूल की तीन बसों को आधे रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा, क्योंकि कई अभिभावक स्कूल तक पहुंचने में असमर्थ थे। ऐसे में छात्रों को शाम 5 बजे तक अपनी कक्षाओं में ही रुकना पड़ा, जहां स्कूल प्रबंधन ने उनके लिए पोहा और बिस्कुट का इंतजाम किया।
डीएवी इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल दीपक गौतम ने अपने स्टाफ की तारीफ करते हुए कहा कि उनके ड्राइवरों, दीदी और अन्य कर्मचारियों ने संकट की इस घड़ी में बेहतरीन काम किया। उन्होंने बताया कि उनके स्टाफ में 85 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिन्होंने आज सुपरवुमन की तरह जिम्मेदारी निभाई।
बच्चों को सुरक्षित रखा गया और उन्हें ठीक से खाना खिलाया गया। बच्चों को घर भेजने के लिए बसों की व्यवस्था की गई और यहां तक कि प्रिंसिपल ने अपनी निजी कार भी इस काम में लगा दी।
शेला स्थित शांति एशियाटिक स्कूल में भी छात्रों को पानी उतरने तक कई घंटों तक परिसर में ही रुकना पड़ा। इसी इलाके में लगभग 15 स्कूली बच्चों को ले जा रही एक वैन पानी से भरी सड़क पर खराब हो गई। बच्चों को परेशानी में देख तुरंत एक पुलिस टीम वहां पहुंची और सभी को साउथ बोपल स्थित उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाया।
अहमदाबाद पुलिस ने बारिश में फंसे कई अन्य छात्रों की भी भरपूर मदद की। रखियाल में अजीत मिल के पास जलभराव के कारण फंसी एक स्कूली छात्रा को पुलिस की गाड़ी से उसके घर पहुंचाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे बच्ची को उसके माता-पिता को सुरक्षित सौंपने के बाद ही वहां से लौटें।
साउथ बोपल की रहने वाली प्रज्ञा जोशी को अपने दो बच्चों को स्कूल से लाने में करीब चार घंटे का भारी संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनका छोटा बच्चा सुबह नर्सरी जाता है, जबकि बड़ी बेटी दोपहर की शिफ्ट में पढ़ती है। बारिश के कारण हालात इतने खराब थे कि ऑटो रिक्शा चालक एक किलोमीटर की सवारी के लिए 200 रुपये तक वसूल रहे थे।
जब स्कूल ने बसें बंद होने की वजह से अभिभावकों को बच्चों को ले जाने के लिए कहा, तो प्रज्ञा जोशी को अपने छोटे बच्चे को पड़ोसी के पास छोड़ना पड़ा। फिर बड़ी मुश्किल से एक ऑटो तलाश कर वह स्कूल पहुंचीं और एक अन्य ऑटो से अपनी बेटी को लेकर घर लौटीं।
विरमगाम में भी हालात काफी खराब रहे, जहां अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने कई बचाव अभियान चलाए। जलमग्न सड़कों पर फंसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए पुलिस की गश्ती गाड़ियों के साथ-साथ निजी ट्रैक्टरों का भी सहारा लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस की टीमें पूरे दिन संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहीं और यात्रियों तथा स्कूली बच्चों की मदद के लिए लगातार मुस्तैद दिखीं।
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