मुंबई के एक प्रतिष्ठित और रसूखदार परिवार पर एक महिला ने शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ओसीएम प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) सूर्य अग्रवाल की पत्नी नित्यप्रिया सूर्य अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी आपबीती साझा की है। उन्होंने अपने पति और ससुराल वालों पर उन्हें और उनकी 16 महीने की बेटी तारा को प्रताड़ित करने, खाना न देने और घर से बेदखल करने की कोशिश का आरोप लगाया है।
नित्यप्रिया के अनुसार, उन्हें पिछले साल नवंबर में उनकी छोटी बच्ची के साथ वैवाहिक घर से जबरन निकाल दिया गया था। 9 जून से बेटी तारा के प्री-स्कूल की शुरुआत होनी है, जिसके मद्देनजर वह एक दिन पहले अपने ससुराल लौटी थीं।
हालांकि, घर वापसी के बाद से ही उन्हें वहां रहने के अधिकार से वंचित करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति के परिवार के सदस्य अजय अग्रवाल, नीना अग्रवाल और ननद सोनिया अग्रवाल बजाज उनके साथ लगातार गाली-गलौज कर रहे हैं और डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं।
पीड़िता ने बताया कि घर लौटने के बाद सूर्य ने बच्ची को उनसे अलग करते हुए तीसरी मंजिल से दूसरी मंजिल पर ले जाने की कोशिश की। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले छह महीनों में सूर्य ने अपनी बेटी से कोई मुलाकात नहीं की थी। यहां तक कि बच्ची के पहले जन्मदिन और प्रमुख त्योहारों पर भी पिता ने उसका हाल नहीं जाना।
नित्यप्रिया का कहना है कि उन्होंने कभी सूर्य को बच्ची से मिलने से नहीं रोका और मायके में हमेशा उनका स्वागत था, लेकिन अब उन पर ही बच्ची को दूर रखने का झूठा इल्जाम मढ़ा जा रहा है।
बच्ची की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताते हुए नित्यप्रिया ने परिवार के पुराने मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सूर्य ने अतीत में अपनी चचेरी भाभी काव्या के बच्चों के साथ भी आक्रामक और हिंसक व्यवहार किया था, जिसका वीडियो सबूत भी मौजूद है। इसके अलावा, तारा की दादी नीना अग्रवाल द्वारा पिछले साल आत्महत्या के प्रयास और उस पर सूर्य के उदासीन रवैये ने भी नित्यप्रिया को गहराई से डरा दिया था। इन सभी कारणों से वह अपनी बेटी को ऐसे असुरक्षित माहौल में अकेले नहीं छोड़ना चाहती थीं।
हालात तब और अमानवीय हो गए जब घर में काम करने वाले स्टाफ को भी निशाना बनाया गया। नित्यप्रिया द्वारा अपनी बेटी की देखभाल के लिए रखी गई नई नैनी को धमकियां देकर निकाल दिया गया और उनकी एक अन्य सहायिका को बिना उसका सामान दिए घर से बाहर कर दिया गया।
एक दिल दहला देने वाले अपडेट में नित्यप्रिया ने बताया कि उनके बाहर से मंगवाए गए खाने को भी उन तक नहीं पहुंचने दिया गया। जब उनकी नैनी बच्ची के दूध के लिए गर्म पानी लेने और खाना लाने नीचे गई, तो उसे बाहर निकालकर मुख्य दरवाजा बंद कर दिया गया, जिससे मां और 16 महीने की मासूम बच्ची बिना खाने-पीने के रह गए।
नित्यप्रिया ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 24 घंटे से भी कम समय में पांच बार मुंबई पुलिस से मदद मांगी, लेकिन उनकी सुरक्षा चिंताओं को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया गया। पुलिस की निगरानी में भी स्थिति लगातार बिगड़ती रही।
इस मामले के सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने के बाद मुंबई पुलिस ने ‘एक्स’ पर उन्हें जवाब देते हुए संपर्क विवरण मांगा। पुलिस को अपना विवरण भेजते हुए नित्यप्रिया ने स्पष्ट किया है कि उनके पति का परिवार बेहद प्रभावशाली है और उन्हें डर है कि इस रसूख का इस्तेमाल उनके और उनकी बच्ची के खिलाफ किया जा रहा है।
अपनी शादी में हुई ज्यादतियों को आपसी सहमति बताने वाले ससुराल वालों के दावों को नित्यप्रिया ने सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इस पूरे व्यवहार को अपमानजनक और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और मुख्यमंत्री कार्यालय जैसी संस्थाओं से न्याय की गुहार लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह इसलिए आवाज उठा रही हैं ताकि सुरक्षा और जवाबदेही मांगने वाली किसी भी महिला या बच्चे को इस तरह बेसहारा न छोड़ा जाए।
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