जालसाजों ने अब देश की सेवा करने वाले सम्मानित बुजुर्गों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला अहमदाबाद का है, जहां सेना और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम कर चुके 85 वर्षीय एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग भारी धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं। आकर्षक मुनाफे वाली एक फर्जी निवेश योजना का लालच देकर उनसे 15 लाख रुपये ठग लिए गए।
इस मामले में नारनपुरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2023 में पीड़ित के दामाद ने एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात मुंबई के एक कारोबारी से कराई थी। यहीं से ठगी की इस पूरी साजिश की शुरुआत हुई।
दर्ज की गई पुलिस शिकायत में बताया गया है कि मुंबई का वह व्यक्ति और उसका एक साथी बुजुर्ग से उनके अहमदाबाद स्थित आवास पर मिले थे। इसके बाद उन्होंने गांधी आश्रम के पास एक होटल में भी मुलाकात की। इन मुलाकातों के दौरान जालसाजों ने बड़े-बड़े दावे किए कि 15 लाख रुपये का निवेश करने पर उन्हें कंपनी की विशेष सदस्यता मिलेगी और उनका पैसा दो से तीन गुना तक बढ़ जाएगा।
शिकायतकर्ता को झांसे में लेने के लिए आरोपियों ने करोड़ों रुपये के निवेश पर कई गुना रिटर्न मिलने के मनगढ़ंत उदाहरण भी पेश किए। इस बड़े निवेश प्रस्ताव को लेकर पीड़ित बुजुर्ग ने अपने दो अन्य परिचितों और एक व्यवसायी से भी चर्चा की थी। हालांकि, उन सभी ने इस संदिग्ध योजना में पैसा लगाने से साफ इनकार कर दिया था।
दूसरों के इनकार के बावजूद, जालसाजों के झूठे आश्वासनों पर विश्वास करते हुए बुजुर्ग और उनकी पत्नी निवेश के लिए तैयार हो गए। इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए इस दंपति ने अपने सोने के आभूषण गिरवी रख दिए और नारनपुरा स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 6.9 लाख रुपये का लोन ले लिया। इसके बाद शेष राशि की व्यवस्था उन्होंने अपनी जीवन भर की बचत से की।
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिस वक्त पीड़ित बैंक में पैसे जमा कर रहे थे, तभी पिंपुडकर नाम के एक व्यक्ति ने उनकी पत्नी को बिना कुछ बताए चालाकी से एक आरटीजीएस (RTGS) फॉर्म पर हस्ताक्षर करवा लिए। कुछ समय बाद दंपति को फोन पर एक एसएमएस प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें पता चला कि उनके 15 लाख रुपये दिल्ली की एसके लॉजिस्टिक्स (SK Logistics) के बैंक खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं।
जब काफी समय बीतने के बाद भी वादे के मुताबिक कोई रिटर्न नहीं मिला, तब दंपति को अपने साथ हुई इस बड़ी ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया। फिलहाल, नारनपुरा पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है।
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