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गुजरात में ड्रग्स का नया खेल: ‘डेड ड्रॉप’ के जरिए हो रही करोड़ों की तस्करी

| Updated: August 25, 2026 13:58

करोड़ों का ड्रग्स लावारिस और तस्कर गायब! जानिए क्या है 'डेड ड्रॉप' का नया खेल, जिसने गुजरात पुलिस और जांच एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

गुजरात में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही लड़ाई में अब एक नई और बड़ी चुनौती सामने आ गई है। अब पुलिस के लिए ड्रग्स पकड़ने से ज्यादा मुश्किल उसके पीछे छिपे असली तस्कर को ढूंढना हो गया है।

जून महीने में राज्य भर से जितनी कीमत के नशीले पदार्थ पकड़े गए, उनमें से आधे से अधिक मामलों में मौके से कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ। तस्करी का यह नया पैटर्न जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गया है।

इस नए तरीके के तहत, ड्रग्स की खेप को किसी तय जगह पर लावारिस छोड़ दिया जाता है, ताकि बाद में दूसरा व्यक्ति उसे वहां से उठा सके। इस पूरी प्रक्रिया में ड्रग्स पहुंचाने वाला और उसे लेने वाला कभी आमने-सामने नहीं आते, जिससे पुलिस की निगरानी से बचना उनके लिए आसान हो जाता है। जांचकर्ता तस्करी के इस शातिर तरीके को ‘डेड ड्रॉप’ कहते हैं।

एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), सीआईडी क्राइम और रेलवे पुलिस के मासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो जून में कुल 28 एनडीपीएस (NDPS) मामलों में करीब 48 करोड़ रुपये का ड्रग्स जब्त किया गया। हैरानी की बात यह है कि इसमें से 28.2 करोड़ रुपये (कुल जब्ती का लगभग 59 प्रतिशत) मूल्य की चार खेप ऐसी थीं, जहां से एक भी तस्कर नहीं पकड़ा गया।

इन चार बिना आरोपी वाले मामलों में कुल 157.8 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसमें पश्चिमी कच्छ से पकड़ी गई 27.3 करोड़ रुपये मूल्य की 27.4 किलोग्राम हेरोइन की एक बड़ी खेप भी शामिल थी।

सबसे चौंकाने वाला मामला 17 जून को कच्छ की नारायण सरोवर पुलिस ने दर्ज किया। यहां से 27.4 किलो हेरोइन मिली, लेकिन मौके से कोई भी तस्कर पुलिस के हाथ नहीं लगा।

इसके ठीक दो दिन बाद 19 जून को वायोड़ पुलिस ने 21.4 लाख रुपये की 14.3 किलो चरस बरामद की, और यहां भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

इससे पहले 10 जून को पोरबंदर हार्बर मरीन पुलिस ने भी एक लावारिस खेप से 5.6 लाख रुपये की 2.2 किलो चरस जब्त की थी। रेलवे नेटवर्क पर भी तस्कर इसी तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बीते 1 जून को वडोदरा रेलवे सुरक्षा बल ने 57 लाख रुपये का 113.9 किलो गांजा लावारिस हालत में बरामद किया था, लेकिन जब्ती के दौरान कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ।

जांच एजेंसियों के लिए ऐसी लावारिस बरामदगी दोधारी तलवार जैसी है। एक तरफ पुलिस बड़ी मात्रा में ड्रग्स को बाजार में पहुंचने से रोक तो लेती है, लेकिन दूसरी तरफ तस्करों का कोई सुराग न मिलने से यह पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है कि माल किसने भेजा, पैसा किसने लगाया और इसे किसे रिसीव करना था।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ड्रग्स सिंडिकेट अब खेप के लेन-देन के लिए तकनीक और सोशल मीडिया आधारित संचार का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, जून के आंकड़े यह पूरी तरह से साबित नहीं करते कि इन सभी चार मामलों को जानबूझकर ‘डेड ड्रॉप’ के जरिए अंजाम दिया गया या ये आपस में जुड़े हुए थे।

जून के आंकड़ों का दूसरा पहलू यह भी दिखाता है कि जब पुलिस ने ड्रग्स को रास्ते में या डिलीवरी के दौरान पकड़ा, तो गिरफ्तारियां जरूर हुईं। अहमदाबाद पुलिस ने चार मामलों में 803.8 ग्राम मेफेड्रोन जब्त कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि सूरत की सचिन पुलिस ने 52.4 ग्राम नशीले पदार्थ के साथ एक आरोपी को दबोचा।

गुजरात एटीएस (ATS) ने 29 जून को 140.1 ग्राम मेफेड्रोन जब्त की और दो संदिग्धों को पकड़ा। कच्छ के अदेसर और साबरकांठा के तलोद से भी गिरफ्तारियों के साथ मेफेड्रोन की जब्ती हुई।

इसी कड़ी में नरोडा पुलिस ने 14.2 करोड़ रुपये मूल्य की 7.1 किलो मेथाम्फेटामाइन पकड़कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की और डिलीवरी के दौरान एक शख्स को गिरफ्तार भी किया। ऐसे मामलों में मोबाइल, वाहन या डिलीवरी पॉइंट मिलने से जांचकर्ताओं को सुराग मिल जाता है, जिससे पूरी सप्लाई चेन का भंडाफोड़ होने की गुंजाइश बढ़ जाती है।

जून में पूरे गुजरात से भारी मात्रा में गांजा और पोस्त की भूसी (पॉपी स्ट्रॉ) भी पकड़ी गई। वडोदरा रेलवे, वलसाड, आणंद, सूरत और भचाऊ से कुल 2.4 करोड़ रुपये का 468.5 किलो गांजा बरामद हुआ। वडोदरा रेलवे वाले लावारिस मामले को छोड़ दें, तो बाकी जगह से कुल 12 लोग पकड़े गए।

पारडी पुलिस ने 74.3 किलो गांजे के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जबकि आणंद की खंभोलज पुलिस ने 43 किलो गांजा बरामद कर एक आरोपी को पकड़ा।

सूरत के तीन पुलिस स्टेशनों—सचिन, महिधरपुरा और चौक बाजार—ने संयुक्त रूप से 82.2 किलो गांजा जब्त करते हुए तीन लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। वहीं, बनासकांठा में धानेरा पुलिस ने 59.1 लाख रुपये की 393.7 किलो पोस्त की भूसी (पॉपी स्ट्रॉ) पकड़ी और एक तस्कर को गिरफ्तार किया।

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