गुजरात के सूरत निवासी महज 14 वर्षीय टेबल टेनिस खिलाड़ी विवान रशेश दवे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शानदार छाप छोड़ी है। उन्होंने मंगोलिया में आयोजित वर्ल्ड टेबल टेनिस (डब्ल्यूटीटी) यूथ कंटेंडर उलानबाटार 2026 में अंडर-15 बॉयज सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। इसके तुरंत बाद उज्बेकिस्तान के ताशकंद में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता।
उनकी इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि में अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीसेज) का हिस्सा अडाणी हजीरा पोर्ट लिमिटेड (एएचपीएल) की अहम भूमिका रही, जिसने उन्हें इन विदेशी दौरों के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
नौवीं कक्षा के छात्र विवान ने महज छह साल की उम्र में टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया था। जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के बाद, उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी सफलता हासिल की।
साल 2025 में गांधीधाम में आयोजित अंडर-15 नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने इंडिविजुअल खिताब जीतकर तहलका मचा दिया था। इसी चैंपियनशिप में विवान ने टीम इवेंट में गोल्ड और डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था। इन शानदार जीतों के दम पर वह भारतीय अंडर-15 रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए।
अपने खेल को और निखारने के लिए विवान वर्तमान में हैदराबाद में रहकर कड़ा प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह वहां एक हॉस्टल में रहते हैं और अपनी स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ पेशेवर टेबल टेनिस की कोचिंग भी ले रहे हैं। किसी भी युवा एथलीट और उसके परिवार के लिए विदेशी दौरों और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स का खर्च उठाना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में अडाणी हजीरा पोर्ट लिमिटेड (एएचपीएल) की ओर से मिले वित्तीय सहयोग ने उनके लिए नई राहें खोल दीं।
इस अहम आर्थिक मदद के चलते ही विवान अंतरराष्ट्रीय डब्ल्यूटीटी प्रतियोगिताओं में निर्बाध रूप से हिस्सा ले पा रहे हैं। इन विदेशी टूर्नामेंट्स से उन्हें न केवल महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक हासिल करने का मौका मिल रहा है, बल्कि विभिन्न देशों के बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ खेलकर उनका तजुर्बा भी बढ़ रहा है।
अपनी नौवीं कक्षा की पढ़ाई और कड़े प्रशिक्षण के बीच मंगोलिया और उज्बेकिस्तान में मेडल जीतना, विवान के शानदार राष्ट्रीय रिकॉर्ड में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ता है।
यह भी पढ़ें-
अरुणाचल में एलएसी पर तनाव के बीच बड़ी सैन्य पहल: भारत और चीन के कोर कमांडरों की अहम वार्ता










