नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए कथित मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा आश्वासन दिया है। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों और पीड़ित की बेटी को पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह प्रदर्शन भारद्वाज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर किया गया था। इस घटना ने पीड़ित की नाबालिग बेटी को गहरे सदमे में डाल दिया है। पत्रकारों से बातचीत में उसने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि भारद्वाज के समर्थकों ने उसे गालियां दीं और दुष्कर्म की धमकियां तक दीं।
इस भारी मानसिक प्रताड़ना के चलते उसने हफ्तों तक स्कूल जाना बंद कर दिया था। नाबालिग ने कहा कि उसे हर जगह लोगों की चुभती नजरों का सामना करना पड़ा। हालांकि, अब पुलिस के आश्वासन के बाद उसे न्याय की उम्मीद जगी है और उसने धमकियां देने वालों के खिलाफ भी अलग से एफआईआर दर्ज कराई है।
यह मामला तब और गरमा गया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रंका के नेतृत्व में पुलिस स्टेशन पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि इस क्लिप में आरोपी अपने राजनीतिक रसूख का बखान कर रहा है।
आशुतोष रंका ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अपराधी खुलेआम अपना गुनाह कबूल कर रहा है, तो उस पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर आजाद भी शामिल हुए और सीजेपी नेताओं ने आरोपियों के खुलेआम घूमने पर कड़ी आपत्ति जताई।
दूसरी तरफ, विवादों के केंद्र में रहे स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसने दावा किया कि घटना वाले दिन 10-15 लोगों की भीड़ ने उसे घेर लिया था और उसने जो भी किया, वह केवल अपनी जान बचाने के लिए किया गया आत्मरक्षा का प्रयास था।
वायरल पॉडकास्ट को लेकर भी भारद्वाज ने अपनी सफाई पेश की है। उसने उस क्लिप को पूरी तरह से फर्जी करार दिया और कहा कि राजनीतिक संपर्कों वाली उसकी बात को महज तंज के रूप में कहा गया था।
इस पूरे विवाद पर नई दिल्ली के डीसीपी ने भी स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित पिता को आई चोटें सामान्य प्रकृति की हैं और खोपड़ी टूटने के दावों को पूरी तरह से निराधार बताया। डीसीपी के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट (MLC) में किसी गंभीर हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई है, बल्कि चोट केवल कड़े से लगी थी।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्ग थाने में मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है और स्वतंत्र भारद्वाज समेत दो आरोपियों को नोटिस देकर लंबी पूछताछ भी हुई है। राजनीतिक दबाव के आरोपों को नकारते हुए पुलिस ने साफ किया कि जल्द ही सक्षम अदालत में चार्जशीट दायर की जाएगी।
गौरतलब है कि यह मुद्दा तब राष्ट्रीय स्तर पर छा गया था, जब नाबालिग ने एक वीडियो जारी कर बताया था कि उसके पिता को टांके आए हैं और जांच बहुत धीमी चल रही है। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था और पीड़ित परिवार को अपना खुला समर्थन दिया था।
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