गुजरात के सूरत शहर में गणेश उत्सव के दौरान ‘करोड़पति बाप्पा’ भक्तों और आम जनता के बीच आकर्षण का बड़ा केंद्र बने हुए हैं। हीरा व्यापारियों के पास मौजूद ये भगवान गणेश के आकार वाले दुर्लभ प्राकृतिक कच्चे हीरे हैं। इनकी भारी कीमत को देखते हुए मालिकों ने आम जनता के लिए दर्शन का समय बेहद सीमित कर दिया है और सुरक्षा के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए हैं।
आमतौर पर गणेश उत्सव समाप्त होने के बाद मूर्तियों का विसर्जन कर दिया जाता है। लेकिन प्राकृतिक रूप से बने इन कच्चे हीरों वाले गणपति को उनके मालिक पूरे साल अपने पास ही रखते हैं। सालों के व्यापार के दौरान मिले इन दुर्लभ हीरों को हीरा व्यापारी अपनी अज्ञात जगहों और हाई-सिक्योरिटी वाले लॉकर में सुरक्षित रखते हैं।
सूरत के ऐसे ही एक हीरा कारोबारी राजेश पांडव के पास 27.74 कैरेट का गणेश जी के आकार का हीरा है। इस साल यह बेशकीमती हीरा दर्शन के लिए केवल एक ही दिन सार्वजनिक रूप से रखा जाएगा।
राजेश पांडव ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के सम्मान में 17 सितंबर को ही इसे दर्शन के लिए रखने का फैसला किया है। बाकी दिनों में इसे प्रदर्शित नहीं किया जाएगा ताकि पूरे 10 दिनों तक भारी सुरक्षा व्यवस्था का तनाव न उठाना पड़े।
अपनी सुरक्षा चिंताओं का जिक्र करते हुए पांडव बताते हैं कि इस 27.74 कैरेट के हीरे को सर्विलांस कैमरों की निगरानी में एक सुरक्षित लॉकर में रखा जाता है। उत्सव के दौरान इसकी सुरक्षा और दर्शनार्थियों की भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त गार्ड तैनात किए जाते हैं।
सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बनाए रखना अब काफी मुश्किल हो गया है। पांडव ने बताया कि एक बार सुरक्षा कारणों और मूर्ति को बाहर लाने की प्रक्रिया के चलते ही उन्हें शहर में आए एक मंत्री को भी दर्शन कराने से विनम्रतापूर्वक मना करना पड़ा था।
दूसरी ओर, दुर्लभ पत्थरों के संग्राहक और हीरा व्यापारी कानू असोदरिया भी अपने पास मौजूद भगवान गणेश के आकार के तीन प्राकृतिक हीरों के दर्शन कराएंगे। हालांकि, सुरक्षा कारणों से यह मौका भी बहुत ही कम लोगों को और बेहद सीमित समय के लिए ही मिलेगा।
असोदरिया के मुताबिक, बड़े, मध्यम और छोटे आकार वाले ये तीनों प्राकृतिक हीरे अत्यंत दुर्लभ हैं। उनके इस खास संग्रह में 182.53 कैरेट, 26.53 कैरेट और 8.01 कैरेट के गणेश आकार वाले कच्चे हीरे शामिल हैं।
इन हीरों की सुरक्षा को लेकर असोदरिया बेहद सतर्क रहते हैं। वे इन हीरों को हमेशा एक जगह सुरक्षित रखने के बजाय हर कुछ दिनों में इनकी लोकेशन बदलते रहते हैं। आकार और अनमोल कीमत के कारण इन्हें अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।
अपने इस खास संग्रह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए असोदरिया ने तीन लेयर वाला सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाया है। यह खास सिस्टम सभी दिशाओं को कवर करता है और इसके फुटेज अलग-अलग फॉर्मेट व लोकेशन पर सेव होते हैं। इस पूरी अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी मोबाइल फोन के जरिए भी की जा सकती है।
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