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दिल्ली की मतदाता सूची में अजब उलटफेर: 24 सीटों पर 100% मतदान भी हो जाए, तो नहीं छू पाएंगे पिछले साल पड़े वोटों का आंकड़ा

| Updated: September 15, 2026 14:43

चुनाव आयोग के नए मसौदे का चौंकाने वाला सच: 24 सीटों पर पंजीकृत मतदाताओं की संख्या पिछले साल पड़े कुल वोटों से भी नीचे खिसकी, 97 फीसदी वोटिंग के बाद ही बन पाएगी पिछले चुनाव की बराबरी।

अपर्णा भट्टाचार्य

नई दिल्ली: कल्पना कीजिए कि अगर दिल्ली में कल ही विधानसभा चुनाव हो जाएं और रिकॉर्ड तोड़ 100 फीसदी मतदान भी दर्ज हो, तब भी नई दिल्ली सीट पर पिछले साल पड़े कुल वोटों की तुलना में 9,268 वोट कम रह जाएंगे। यह कोई चुनावी पहेली नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ताजा मतदाता सूची का चौंकाने वाला गणित है।

फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अकेले नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में 61,636 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। इसके उलट, 31 अगस्त को प्रकाशित ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के मसौदे में अब इस सीट पर केवल 52,368 पंजीकृत मतदाता ही दर्ज हैं।

ConstituencyVoted, Feb 2025Roll, June 2026Draft roll, Aug 2026Turnout neededRecorded deadRecorded duplicateVoters still unaccounted
New Delhi61,63689,68352,368117.7%1,6428217,873
Tughlakabad1,14,9381,92,4191,00,386114.5%3,2211,47311,919
Delhi Cantonment47,45864,50941,654113.9%7779144,801
Sangam Vihar1,25,7141,92,8421,14,412109.9%1,8041,8049,097
Kasturba Nagar84,4831,37,36577,036109.7%3,0164225,580
Badli1,50,8662,14,3431,40,431107.4%2,8092,5877,027
Adarsh Nagar1,00,4601,33,89393,581107.4%2,4591,4114,688
R.K. Puram76,5031,30,16172,426105.6%2,7149242,104
Okhla2,09,5223,62,8131,98,984105.3%5,0795,0794,943
Badarpur2,08,0953,44,6771,98,004105.1%5,1343,9604,905
Nangloi Jat1,59,3222,18,4041,53,317103.9%2,5382,2133,191
Patparganj1,38,6522,22,9321,33,593103.8%3,3951,5192,063
Wazirpur1,06,7881,63,9331,03,072103.6%4,2604871,064
Rajinder Nagar97,2111,48,24594,386103.0%2,6391,131506
Dwarka1,39,5041,88,5921,35,909102.6%2,0552,423813
Kalkaji1,06,8761,81,3501,03,889102.9%6,5071,007none
Sultanpur Majra1,12,8251,60,5751,10,681101.9%4,9401,197none
Gandhi Nagar1,05,4041,68,2911,03,631101.7%3,3621,164none
Kondli1,28,7302,02,7011,26,771101.5%3,7961,063none
Patel Nagar1,17,3701,97,0491,16,703100.6%4,6601,527none
Rithala1,87,1642,92,8921,86,380100.4%6,1783,408none
Ambedkar Nagar97,1891,60,16896,908100.3%3,416949none
Trilokpuri1,26,2831,89,7081,26,126100.1%3,4971,462none
Jangpura85,5111,45,82385,497100.0%4,102784none
Total28,88,50445,03,36827,66,14584,00039,72970,572

हैरानी की बात यह है कि यह स्थिति केवल नई दिल्ली सीट तक सीमित नहीं है। राजधानी की 23 अन्य विधानसभा सीटों पर भी यही अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई है। इन सभी 24 निर्वाचन क्षेत्रों में अब पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या ही पिछले चुनाव में पड़े कुल मतों से कम हो चुकी है। ऐसे में यदि इन सीटों पर 90 फीसदी, 99 फीसदी या पूरे 100 फीसदी वोट भी पड़ जाएं, तब भी वे पिछले चुनाव में पड़े वोटों की संख्या की बराबरी नहीं कर सकते।

चुनाव के बाद के 16 महीनों के भीतर सामान्य पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत दिल्ली की मतदाता सूची से पहले ही 11,16,437 नाम हटा दिए गए थे। इसके बाद एसआईआर की कवायद शुरू हुई, जिसने अगस्त के ड्राफ्ट तक पहुंचते-पहुंचते मतदाताओं की संख्या को इस निचले स्तर पर ला खड़ा किया।

यदि दर्ज मृतकों और डुप्लिकेट नामों को प्रत्येक सीट की इस कमी से इस अनुमान पर अलग भी कर दिया जाए कि उन्होंने अन्य मतदाताओं की दर से ही मतदान किया होगा, तब भी 15 सीटें घाटे में ही रहती हैं। केवल 9 सीटें ऐसी हैं जो इस कमी से बाहर निकल पाती हैं, और वे भी वे सीटें थीं जहां शुरुआत में अंतर सबसे कम था। भौगोलिक दृष्टि से देखें तो इन 24 सीटों में से 7 सीटें दक्षिण-पूर्व (साउथ ईस्ट) जिले में और 4 सीटें पूर्वी जिले में आती हैं।

अगर पूरी दिल्ली के स्तर पर बात करें, तो फरवरी 2025 के चुनाव के समय दिल्ली की मतदाता सूची में कुल 1,56,26,736 पंजीकृत नाम थे। उस दौरान 60.72 फीसदी की दर से कुल 94,88,376 लोगों ने मतदान किया था। ताजा मसौदा सूची के अनुसार, पूरी दिल्ली में अब मतदाताओं की कुल संख्या घटकर 97,53,577 रह गई है।

इसका सीधा मतलब यह है कि वर्तमान में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या पिछले विधानसभा चुनाव में पड़े कुल वोटों से महज 2,65,201 ही ज्यादा है। यानी अगर दिल्ली को पिछले साल पड़े कुल वोटों की संख्या के बराबर वोट हासिल करने हैं, तो वर्तमान में पंजीकृत कुल मतदाताओं में से 97.28 फीसदी लोगों को मतदान करना होगा। यह आंकड़ा पिछले साल के वास्तविक मतदान से 36.6 प्रतिशत अंक अधिक है।

हाल के समय में चुनाव आयोग वर्ष 2025 के बाद एसआईआर के जरिए बढ़े हुए मतदान प्रतिशत को अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करता रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पिछले महीने दावा किया था कि एसआईआर की बदौलत बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो आजादी के बाद का सर्वाधिक आंकड़ा रहा और जिसने फ्रांस, जापान तथा स्पेन जैसे कई विकसित देशों की मतदान दरों को भी पीछे छोड़ दिया। बिहार वह पहला राज्य था जहां एसआईआर का पायलट प्रोजेक्ट लागू किया गया था।

लेकिन यदि दिल्ली को यह सुनिश्चित करना है कि उसके अगले चुनाव में पड़ने वाले वोटों की कुल संख्या 2025 से कम न हो, तो अगली बार मतदान का प्रतिशत करीब 97 फीसदी तक पहुंचना चाहिए। ज़मीनी हकीकत को देखते हुए इस बात की पूरी संभावना है कि दिल्ली के अगले चुनाव में मतदान करने वालों की कुल संख्या पिछले साल पड़े वोटों से काफी कम रह जाएगी।

संदर्भ के तौर पर, दिल्ली में पिछले 42 वर्षों का सर्वाधिक मतदान रिकॉर्ड वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में दर्ज हुआ था, जो 67.47 फीसदी था। वहीं फरवरी 2025 के चुनाव में 60.54 फीसदी मतदान हुआ था। भारत के किसी भी राज्य ने आज तक 97 फीसदी के स्तर का मतदान कभी दर्ज नहीं किया है।

उक्त लेख मूल रूप से द वायर वेबसाइट द्वारा प्रकाशित किया जा चुका है.

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