साल 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए गुजरात पूरी तरह से तैयार हो रहा है। इस महाकुंभ से पहले राज्य सरकार अपनी खेल साख को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में अब गुजरात में दुनिया की दो सबसे लोकप्रिय और कठिन एंड्योरेंस प्रतियोगिताएं आयोजित होने जा रही हैं। इन अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के नाम हाइरॉक्स और फुल आयरनमैन ट्रायथलॉन हैं।
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गांधीनगर के हेलीपैड एग्जिबिशन सेंटर में 26 से 28 नवंबर तक ‘हाइरॉक्स’ का आयोजन किया जाएगा। यह एक खास तरह की इनडोर फिटनेस रेस है, जिसमें आठ किलोमीटर की दौड़ के साथ आठ फंक्शनल वर्कआउट शामिल होते हैं।
दुनिया भर में इस इवेंट का एक मानकीकृत फॉर्मेट है। इसमें प्रतिभागियों को एक किलोमीटर दौड़ने के बाद एक फंक्शनल वर्कआउट स्टेशन पार करना होता है और इस पूरी प्रक्रिया को आठ बार दोहराया जाता है। पश्चिमी देशों में यह फिटनेस का एक बेहद मशहूर इवेंट बन चुका है और अब भारत के युवाओं व फिटनेस प्रेमियों को भी अपनी ओर खींच रहा है।
हाइरॉक्स के अलावा फुल आयरनमैन ट्रायथलॉन की तारीखें और स्थान भी जल्द ही तय होने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि यह मेगा इवेंट अगले कुछ महीनों के भीतर आयोजित किया जा सकता है। एक फुल आयरनमैन प्रतियोगिता में 3.8 किलोमीटर तैराकी, 180.2 किलोमीटर साइकिलिंग और 42.2 किलोमीटर की मैराथन दौड़ शामिल होती है। इस तरह प्रतिभागियों को बिना रुके कुल 226.2 किलोमीटर की भीषण दूरी तय करनी होती है।
राज्य सरकार ने आयोजकों को इस ट्रायथलॉन के लिए धरोई डैम क्षेत्र और नर्मदा ट्रेल जैसे कई संभावित स्थानों का प्रस्ताव दिया है। सूत्रों की मानें तो एक सप्ताह के भीतर आयोजन स्थल को लेकर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। खास बात यह है कि ये दोनों हाई-एंड्योरेंस इवेंट पहली बार गुजरात की धरती पर होने जा रहे हैं। भारत के कुछ अन्य शहरों में इनकी मौजूदगी पहले से है, लेकिन गुजरात में अभी तक इनका अनुभव लोगों को नहीं मिला था।
खेल विभाग का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इन दोनों प्रतियोगिताओं के आयोजकों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से आयोजकों को हर संभव मदद का स्पष्ट भरोसा दिया गया है। इन आयोजनों से राज्य में एंड्योरेंस और एडवेंचर खेलों को एक नया मुकाम मिलने की उम्मीद है।
विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त इन प्रतियोगिताओं के आयोजन से राज्य में खेलों का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने में काफी मदद मिलेगी। साथ ही, यह गुजरात को साल 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले अपने शानदार बुनियादी ढांचे और क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन मौका भी देगा।
सरकार का मानना है कि इन आयोजनों से गुजरात न केवल प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं के लिए, बल्कि बड़े पैमाने पर जन-भागीदारी वाले फिटनेस और एंड्योरेंस खेलों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी अपनी स्थायी पहचान स्थापित करेगा।
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