comScore व्यारा में आदिवासी स्वास्थ्य सेवा के लिए 910 करोड़ की लागत से बनेगा 800 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

व्यारा में आदिवासी स्वास्थ्य सेवा के लिए 910 करोड़ की लागत से बनेगा 800 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज

| Updated: September 22, 2026 15:15

910 करोड़ रुपये के पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत तापी जिले में अत्याधुनिक अस्पताल और 150 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू; दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र बॉर्डर के आदिवासी समुदाय को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ।

तापी जिले के व्यारा में आदिवासी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 22 सितंबर 2026 को टोरेंट ग्रुप के यू.एन.एम. फाउंडेशन द्वारा नवनिर्मित 317 बेड की अत्याधुनिक ‘ट्रांजिशनल’ अस्पताल सुविधा का उद्घाटन किया।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने गुजरात सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बनने वाले 800 बेड के नए यू.एन.एम. जनरल अस्पताल भवन का भूमिपूजन भी किया।

इस खास अवसर पर जनजातीय विकास मंत्री नरेशभाई मगनभाई पटेल और राज्य मंत्री डॉ. जयराम गामित भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

व्यारा जनरल अस्पताल परिसर में बनने वाली यह नई 800 बेड की विशाल इमारत मौजूदा 156 बेड वाले पुराने अस्पताल की जगह लेगी। नई इमारत के निर्माण के दौरान मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं में कोई रुकावट न आए, इसके लिए सभी चिकित्सीय सेवाओं को इस नवनिर्मित 317 बेड की ‘ट्रांजिशनल अस्पताल’ में स्थानांतरित किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि अस्पताल का आधुनिकीकरण होने तक मरीजों को निरंतर और उत्कृष्ट चिकित्सा मिलती रहे।

इस संपूर्ण महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 910 करोड़ रुपये है, जिसका पूरा खर्च यू.एन.एम. फाउंडेशन द्वारा वहन किया जाएगा। इस परिसर को एक अत्याधुनिक हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसके अगले चरण में 150 सीटों वाले एमबीबीएस मेडिकल कॉलेज और आधुनिक छात्रावास का निर्माण भी शामिल है। इससे व्यारा और आसपास के ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को घर के करीब ही उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

इस नई सुविधा के शुरू होने से दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों के लगभग 8 लाख से अधिक लोगों, विशेषकर आदिवासी समुदाय को अभूतपूर्व लाभ होगा। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब मरीजों को 75 किलोमीटर दूर सूरत नहीं जाना पड़ेगा।

इस पहल पर टोरेंट ग्रुप के डायरेक्टर जीनल मेहता ने कहा कि यह पीपीपी मॉडल स्थानीय लोगों को उनके घर के पास ही आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं तथा किफायती चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराएगा। ट्रांजिशनल सुविधा यह सुनिश्चित करेगी कि निर्माण कार्य के दौरान भी लोगों को बिना किसी बाधा के बेहतरीन इलाज मिलता रहे।

गुजरात सरकार के साथ पीपीपी मॉडल पर आधारित 9,986 वर्ग मीटर के कार्पेट एरिया में फैले इस 317 बेड वाले ट्रांजिशनल अस्पताल में विश्वस्तरीय सुविधाएं मौजूद हैं। इसमें 271 वार्ड बेड और 46 क्रिटिकल केयर बेड शामिल हैं।

अस्पताल की ओपीडी क्षमता 700 से बढ़ाकर करीब 1,200 मरीज प्रतिदिन कर दी गई है, जिसमें 17 स्पेशियलिटी के लिए 24 समर्पित ओपीडी कमरे हैं। गंभीर मरीजों के लिए 34 आईसीयू, 12 एनआईसीयू/पीआईसीयू और 6 ईआर बेड की विशेष व्यवस्था है। साथ ही, 3 मेजर और 1 मैटरनिटी (सीजेरियन) ऑपरेशन थिएटर के अलावा ईआर माइनर और पोस्टमार्टम ओटी भी उपलब्ध हैं।

अस्पताल में 8 बेड की नई डायलिसिस यूनिट, अत्याधुनिक पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी लैब, ब्लड स्टोरेज, एक्स-रे, यूएसजी, कंगारू मदर केयर रूम और एनआरसी वार्ड जैसी आधुनिक क्लिनिकल सुविधाएं नए सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थापित की गई हैं।

यू.एन.एम. फाउंडेशन टोरेंट ग्रुप के प्रमोटर मेहता परिवार की एक परोपकारी संस्था है, जिसने अब तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए 2.5 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

अहमदाबाद का यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी और सूरत का यू.एन.एम. चिल्ड्रन अस्पताल जैसी सुप्रसिद्ध संस्थाएं इसी फाउंडेशन की देन हैं। व्यारा का यह नया प्रोजेक्ट समाज कल्याण और जनसेवा की इसी निरंतर यात्रा का एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

यह भी पढ़ें-

महंगाई की मार: अक्टूबर में RBI दे सकता है बड़ा झटका, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना

‘क्या तुम सच में अमेरिकी हो?’: ट्रंप की ‘MAGA’ ब्रिगेड की नस्लीय कसौटी पर परखे जा रहे भारतीय मूल…

Your email address will not be published. Required fields are marked *