अहमदाबाद: सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (SVPIA) पर विमानों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस साल सितंबर महीने में घरेलू उड़ानों के संचालन में पिछले वर्ष के मुकाबले 18 प्रतिशत की कमी आई है। त्योहारों के इस व्यस्त सीजन में उड़ानों की घटती संख्या ने टिकटों की उपलब्धता और लगातार बढ़ते हवाई किराये को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही में भी 15.1 फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई है।
आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल सितंबर में कुल 5,468 घरेलू उड़ानें संचालित हुईं, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 6,668 था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या भी 1,249 से घटकर केवल 1,060 रह गई है।
यह गिरावट केवल एक महीने तक सीमित नहीं है, बल्कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला है। इस दौरान घरेलू उड़ानों की संख्या 8.7 प्रतिशत गिरकर 38,290 पर आ गई, जो पिछले साल इसी समय 41,955 थी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में स्थिति और भी खराब रही, जहां 23.6 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ यह आंकड़ा 8,229 से घटकर 6,290 हो गया।
ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का कहना है कि हवाई अड्डे पर विंटर शेड्यूल लागू होने के बावजूद उड़ानों की कुल संख्या पिछले साल की तुलना में कम है। इसी वजह से हवाई टिकटों की कीमतों पर बहुत अधिक दबाव पड़ रहा है।
ट्रेवल एक्सपर्ट जिगर दुदकिया बताते हैं कि उड़ानों के विकल्प कम होने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में परेशानी हो रही है। खासकर व्यस्त मार्गों पर सीटों की मांग तेजी से बढ़ी है। अंतिम समय में टिकट बुक करने वालों और पीक ट्रेवल डेट्स पर यात्रा करने वाले लोगों को बहुत महंगा किराया चुकाना पड़ रहा है। दुदकिया के अनुसार, दिवाली के सप्ताह में टिकटों की कुल मांग में थोड़ी नरमी आई है क्योंकि कई यात्री महंगे किराये से बचने के लिए त्योहार से पहले या बाद में उड़ान भरना पसंद कर रहे हैं।
विमानों के कम संचालन का सीधा असर हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या पर भी पड़ा है। सितंबर में घरेलू यात्रियों की संख्या 9.2 प्रतिशत घटकर 7.5 लाख रह गई, जो पिछले साल 8.3 लाख थी। हालांकि, अप्रैल से सितंबर की छमाही में घरेलू यात्रियों की कुल संख्या में केवल 2.3 प्रतिशत की मामूली कमी आई है और यह 54 लाख के मुकाबले 52.8 लाख दर्ज की गई।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में अधिक तेज गिरावट देखने को मिली है। सितंबर महीने में यह आंकड़ा 15.8 प्रतिशत गिरकर 1.8 लाख से 1.5 लाख पर पहुंच गया। वहीं, शुरुआती छह महीनों में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कुल संख्या 11.8 लाख से 19.3 प्रतिशत लुढ़ककर 9.58 लाख रह गई।
हवाई अड्डे के एक सूत्र ने बताया कि उड़ानों की कमी ने मुख्य रूप से यात्रियों की आवाजाही को प्रभावित किया है और इसमें महंगे टिकटों की भी अहम भूमिका है। हालांकि, छह महीनों के दौरान विमानों की आवाजाही में आई भारी कमी की तुलना में घरेलू यात्रियों की संख्या में मामूली गिरावट यह स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि विमानों की क्षमता के मुकाबले हवाई यात्रा की मांग अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है।
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