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‘गांव बिकाऊ है’: 25 साल के झूठे वादों और सूखे से प्यासे किसानों का छलका दर्द, पोस्टर लगाकर जताया विरोध

| Updated: September 28, 2026 14:04

महाराष्ट्र के सोलापुर में 25 साल से सिंचाई के पानी का इंतजार कर रहे तुलशी गांव के किसानों ने 'गांव बिकाऊ है' का पोस्टर लगा दिया है। पानी की भारी किल्लत से लगभग 2700 हेक्टेयर कृषि भूमि बंजर होने की कगार पर है।

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित तुलशी गांव के किसानों का दर्द अब हताशा और गुस्से में बदल चुका है। यहां के निवासियों ने अपने ही गांव में ‘गांव बिकाऊ है’ का पोस्टर लगा दिया है। दशकों से सिंचाई के पानी का इंतजार कर रहे ग्रामीणों की यह हताशा सरकारी तंत्र पर एक गहरा तंज है।

गांव के सरपंच शरद मोरे का कहना है कि जो भी उनका गांव खरीदना चाहता है, वह बेझिझक आगे आ सकता है। उनका मानना है कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए यह पोस्टर भले ही एक मजाक लग सकता है, लेकिन असल में यह दिखाता है कि सरकार पिछले 25 वर्षों से उन्हें किस तरह मूर्ख बना रही है।

तुलशी गांव सीना-माढा लिफ्ट सिंचाई योजना से महज 9 किलोमीटर की दूरी पर है। यह परियोजना साल 2000 में ही शुरू हो गई थी, लेकिन इस गांव को आज तक इसका कोई लाभ नहीं मिल सका है। जहां एक तरफ आस-पास के गांव पानी की अधिक खपत वाली नकदी फसलें उगा रहे हैं, वहीं तुलशी के किसान आज भी अनिश्चित बारिश के भरोसे अपना जीवन काटने को मजबूर हैं।

जिले के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, माढा के कई गांवों में पिछले 45 दिनों से बिल्कुल बारिश नहीं हुई है। तुलशी के जल स्रोतों में पानी ना के बराबर बचा है, जबकि गांव के कुएं और परकोलेशन झीलें पूरी तरह सूख चुकी हैं। सरपंच मोरे बताते हैं कि पानी की कमी के कारण गांव में जुलाई महीने से ही टैंकर मंगाए जा रहे हैं।

मानसून की वापसी के बाद गांव के कृषि हालात और भी भयंकर हो सकते हैं। पानी की इस भारी किल्लत के चलते लगभग 2,700 हेक्टेयर कृषि भूमि के पूरी तरह बंजर हो जाने का खतरा मंडरा रहा है।

इस गंभीर स्थिति से परेशान होकर ग्रामीणों ने गणेश चतुर्थी के दिन अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया था। उन्होंने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर आत्मदाह तक की चेतावनी दी और आगामी चुनावों के पूर्ण बहिष्कार की भी धमकी दी। हालांकि, राज्य के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल से बातचीत होने के बाद शुक्रवार को यह विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया गया।

सोलापुर जिले के कलेक्टर एस. कार्तिकेयन ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि सिंचाई विभाग ने तुलशी गांव का हाइड्रोलॉजिकल सर्वेक्षण किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर प्रशासन जल्द ही राज्य सरकार को एक नहर नेटवर्क बिछाने का प्रस्ताव भेजेगा।

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