अहमदाबाद। भारत के रिन्यूएबल एनर्जी हब को अब एक खास भौगोलिक पहचान मिल गई है। गुजरात के कच्छ स्थित खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क को एक समर्पित पोस्टल इंडेक्स नंबर (पिन) कोड 370246 आवंटित किया गया है। इसके साथ ही यहां इंडिया पोस्ट का अपना डिलीवरी ऑफिस भी शुरू हो गया है।
नया खावड़ा डाकघर स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को कई अहम सुविधाएं देगा। इनमें स्पीड पोस्ट, पार्सल बुकिंग और डिलीवरी के साथ-साथ डाकघर बचत बैंक के उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा यहां इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सेवाएं भी मिलेंगी, जिनमें आधार-सक्षम डिजिटल बैंकिंग प्रमुख है।
यह नई सुविधा खावड़ा के तेजी से हो रहे विकास का परिणाम है। कभी कच्छ का यह इलाका वीरान और कम आबादी वाला हुआ करता था। लेकिन अब यह एक विशाल रिन्यूएबल एनर्जी हब में तब्दील हो चुका है, जहां कर्मचारियों की संख्या, आवासीय टाउनशिप और बुनियादी ढांचे का लगातार विस्तार हो रहा है।
इससे पहले इस क्षेत्र में डाक सेवाएं लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित डाकघर और कुरान शाखा के जरिए संचालित होती थीं। रिन्यूएबल एनर्जी पार्क के विस्तार और यहां काम करने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक समर्पित डाकघर की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी।
नए पिन कोड से इस एनर्जी पार्क को एक स्पष्ट डाक पता मिल गया है। यह इसे सीधे इंडिया पोस्ट के डिलीवरी नेटवर्क से जोड़ता है। इससे साइट पर मौजूद व्यवसायों, श्रमिकों और सेवा प्रदाताओं की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होंगी। इसके अलावा, बैंकिंग, बीमा, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स सेवाओं की पहुंच तय करने में भी यह पिन कोड बड़ी भूमिका निभाएगा।
खावड़ा के लिए ‘370246’ सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि इस रिन्यूएबल एनर्जी हब की एक अनूठी भौगोलिक पहचान है। यह इसे आसपास के इलाकों से अलग करता है और आर्थिक गतिविधियों, बुनियादी ढांचे के विकास और राष्ट्रीय सामरिक महत्व के केंद्र के रूप में इसकी बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।
यह समर्पित पिन कोड इस बात का भी प्रमाण है कि अडानी समूह द्वारा प्रोजेक्ट शुरू करने के बाद से खावड़ा की तस्वीर कैसे बदली है। इस पार्क को अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) और अन्य डेवलपर्स मिलकर विकसित कर रहे हैं। एजीईएल का यह प्लांट लगभग 538 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है।
अडानी समूह द्वारा खावड़ा में 10 गीगावाट (GW) से ज्यादा की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता पहले से ही चालू की जा चुकी है। एजीईएल के इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य साल 2029 तक 30 गीगावाट की ऊर्जा क्षमता तक पहुंचना है।
वर्तमान में अडानी ग्रीन एनर्जी प्लांट की साइट पर लगभग 15,000 श्रमिक और कर्मचारी रह रहे हैं। इस तेजी से बढ़ते समुदाय की सुविधाओं के लिए यहां स्वास्थ्य केंद्र, रिटेल आउटलेट, मनोरंजन क्षेत्र और बैंकिंग सेवाएं भी मौजूद हैं।
यह भी पढ़ें-
900 रुपये के रिफंड के लिए लड़के को RTO से लेकर CMO तक लड़नी पड़ी लड़ाई, अंततः टेकने पड़े घुटने











