अमेरिका के टेक्सास में रहने वाले एक गुजराती युवक को बुजुर्गों से धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस आरोपी पर एक संगठित आपराधिक गिरोह चलाने का आरोप है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उस पर 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 88 करोड़ रुपये का बांड लगाया है। इसके अलावा, अमेरिकी प्रशासन ने उसे हिरासत में रखने के लिए इमिग्रेशन डिटेनर भी जारी कर दिया है।
फ्रेंड्सवुड पुलिस विभाग के अधिकारियों ने 3 अक्टूबर को सुचित पटेल नामक इस आरोपी को टेक्सास के रिचमंड स्थित एक घर से पकड़ा। उसकी यह गिरफ्तारी गैल्वेस्टन और फोर्ट बेंड काउंटी से जारी किए गए वारंट के आधार पर हुई है। सुचित पर संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने और 3,00,000 डॉलर से कम की चोरी करने का आरोप है। टेक्सास के कानून के तहत इस अपराध को प्रथम श्रेणी का गंभीर अपराध (फर्स्ट-डिग्री फेलनी) माना जाता है।
आरोपी के घर की तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। वहां से भारी मात्रा में सोना, चांदी और नकद बरामद किया गया, जिसकी कुल कीमत 4,01,565.40 डॉलर (करीब 3.5 करोड़ रुपये) आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के दौरान अब तक की गई अलग-अलग छापेमारी में कुल 7,50,000 डॉलर (लगभग 6.6 करोड़ रुपये) से ज्यादा की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा 15 सितंबर को तब हुआ, जब फ्रेंड्सवुड की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि एक व्यक्ति ने खुद को संघीय एजेंट (फेडरल एजेंट) बताकर उनके साथ ठगी की है। महिला को बातों में उलझाकर उससे 25,000 डॉलर के गिफ्ट कार्ड लिए गए। इतना ही नहीं, जालसाजों ने महिला की 1,85,000 डॉलर की जमा पूंजी को सोने की ईंटों (गोल्ड बार) में बदलवाकर एक कूरियर वाले को सौंपने के लिए भी मजबूर कर दिया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और जांचकर्ताओं ने कैलिफोर्निया के रहने वाले 27 वर्षीय राजदीप सिंह की पहचान कूरियर वाले के रूप में की। राजदीप को मीडोज प्लेस पुलिस विभाग की मदद से 16 सितंबर को फोर्ट बेंड काउंटी से गिरफ्तार कर लिया गया। जब पुलिस ने राजदीप से पूछताछ की, तो इस पूरी कड़ी के तार सुचित पटेल से जुड़ गए और अंततः पुलिस उस तक पहुंचने में कामयाब रही।
फ्रेंड्सवुड पुलिस के प्रमुख जोश रोजर्स ने बताया कि उनका जांच दल अब जब्त की गई संपत्ति के असली मालिकों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है ताकि सभी दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके। पुलिस को शक है कि पटेल ने ह्यूस्टन इलाके में कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया होगा। इसे देखते हुए स्थानीय लोगों से भी किसी भी तरह की जानकारी पुलिस के साथ साझा करने की अपील की गई है।
अधिकारियों ने आम जनता को सचेत करते हुए एक चेतावनी भी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोई भी असली पुलिस एजेंसी या वित्तीय संस्थान कभी भी लोगों से गिरफ्तारी से बचने या पैसे सुरक्षित रखने के नाम पर सोना, क्रिप्टोकरेंसी या गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए नहीं कहता है।
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