वडोदरा के दृष्टिबाधित शतरंज खिलाड़ी अनिकेत पाटनी के घर हुई एक चोरी ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी है। 23 नवंबर को अहमदाबाद में होने वाली नेशनल ब्लाइंड चेस चैंपियनशिप से ठीक पहले उनके घर से लैपटॉप और स्मार्टफोन चोरी हो गया है। इस घटना ने उनके करियर के सबसे बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों पर ब्रेक लगा दिया है।
24 वर्षीय अनिकेत एक और गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद के साथ इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की जी-तोड़ तैयारी कर रहे थे। लेकिन गुरुवार तड़के उनके बरनपुरा स्थित घर में घुसे चोरों ने उनका लैपटॉप, स्मार्टफोन और कुछ नकदी पार कर दी। रोते हुए अनिकेत ने बताया कि अब उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे टूर्नामेंट के लिए अभ्यास कैसे करें, क्योंकि उनका सपना एक और स्वर्ण पदक जीतने का था।
चोरी हुए इन उपकरणों में कुछ विशेष सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन मौजूद थे, जिनकी मदद से वे गेम की बारीकियां समझते, अपनी चालों का विश्लेषण करते और प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार करते थे। अनिकेत के पिता रिक्शा चलाते हैं, जबकि उनकी मां दूसरों के घरों में काम करती हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे तुरंत नया लैपटॉप या फोन खरीद सकें। उन्होंने बताया कि चोरी हुआ लैपटॉप भी उन्हें एक एनजीओ द्वारा दान में मिला था।
इस मामले में वाडी पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अनिकेत इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि अगर पुलिस उनका लैपटॉप ढूंढ भी लेती है, तो वे उसका बिल कहां से लाएंगे। क्योंकि दान में मिली चीज का कोई बिल उनके पास नहीं है और जांच के दौरान पुलिस ने उनसे स्वामित्व साबित करने के लिए उचित दस्तावेज पेश करने की बात कही थी।
इतिहास में स्नातक कर चुके अनिकेत का शतरंज से जुड़ाव करीब एक दशक पहले शुरू हुआ था। वे निजामपुरा के समाज सुरक्षा संकुल रिसोर्स सेंटर में पढ़ाई करते थे और क्लास में काफी बेचैन रहते थे। साल 2017 में एक शिक्षक ने उन्हें एकाग्रता बढ़ाने और स्वभाव में शांति लाने के लिए शतरंज खेलने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने चेस की दुनिया में कदम रखा और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
खेल में उनकी प्रगति बेहद शानदार रही है। उन्होंने 2022 से 2026 के बीच पांच बार राज्य स्तरीय ब्लाइंड चेस चैंपियनशिप जीती है। इसी साल अक्टूबर में उन्होंने पालनपुर में आयोजित नेशनल ब्लाइंड चेस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसके अलावा 2024 में अहमदाबाद में हुए ब्लाइंडफोल्ड चेस टूर्नामेंट में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।
मामले की जांच कर रहे वाडी पुलिस के इंस्पेक्टर डी डी चावड़ा ने कहा कि उनकी टीम चोरों को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रही है। जैसे ही उस लैपटॉप को इंटरनेट से कनेक्ट किया जाएगा, पुलिस तुरंत उसे ट्रेस कर लेगी। चावड़ा ने आश्वासन दिया है कि पुलिस की सहानुभूति अनिकेत के साथ है और लैपटॉप बरामद होने के बाद उसे बिना किसी परेशानी के उन्हें सौंप दिया जाएगा।
अनिकेत का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने बचपन में हुए दो अलग-अलग हादसों में अपनी दोनों आंखों की रोशनी खो दी थी। जब वे महज 3 साल के थे, तब एक आवारा कुत्ते से बचने के लिए भागते समय दीवार से निकली लोहे की छड़ उनकी एक आंख में घुस गई थी।
वहीं, आठ साल की उम्र में सड़क किनारे क्रिकेट खेल रहे कुछ लड़कों की गेंद उनकी दूसरी सही आंख में लग गई थी। एक बल्लेबाज के ‘हेलिकॉप्टर शॉट’ से आई उस गेंद ने उनकी आंख की नस डैमेज कर दी, जिससे वहां खून का थक्का जम गया और वे पूरी तरह से दृष्टिहीन हो गए। इन तमाम मुश्किलों के बावजूद अनिकेत ने हार नहीं मानी है और अब वे फिर से अपनी मंजिल की तरफ देखने की कोशिश कर रहे हैं।
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