मोरबी में नमक फ़ैक्ट्री की दीवार गिरने से 30 मजदूर दबे ,12 की मौत

| Updated: May 18, 2022 6:47 pm

मलबे से अब तक 12 मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं। मृतक संख्या में वृद्धि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं।

  • प्रधानमंत्री – मुख्यमंत्री ने जतायी संवेदना
  • मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोश से 2 -2 लाख , घायलों को 50 -50 हजार की सहायता
  • मुख्यमंत्री राहत कोश से मृतकों के परिजनों को 4 -4 लाख , की सहायता
  • मुख्यमंत्री ने घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

मोरबी के हलवाड़ में बड़ा हादसा हो गया है. सागर साल्ट नामक एक कारखाने में दीवार गिरने से 30 से अधिक लोग दब गए । हादसे में बारह लोगों की मौत हो गई। 12 शवों को हलवाड़ सिविल अस्पताल में भेज दिया गया है। पुलिस और संबंधित विभाग की टीमें जीआईडीसी हलवाड़ पहुंच गई हैं। पीएम मोदी ने भी हादसे पर दुख जताया है.

हादसे में जान गंवाने वाले हर मजदूर के वारिसों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है. पीएमओ की ओर से की गई घोषणा के मुताबिक मृतकों के वारिसों को 2 लाख रुपये और हर घायल को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे.

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मोरबी जिले के हलवाड़ के जीआईडीसी में दीवार गिरने से जान गंवाने वाले श्रमिकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है.

मुख्यमंत्री ने मृतक श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए भी भगवान से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री को जैसे ही इस घटना की जानकारी हुई उन्होंने मोरबी के जिला कलेक्टर और अधिकारीयों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश दिए.

मिली जानकारी के अनुसार हलवाड़ के जीआईडीसी में सागर साल्ट नाम की एक फैक्ट्री है. आज अचानक फैक्ट्री की दीवार गिर गई। दीवार के मलबे में दबकर 30 से ज्यादा लोग दब गए। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने के लिए तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।

मुख्यमंत्री ने किया दौरा

मलबे से अब तक 12 मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं। मृतक संख्या में वृद्धि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं।

मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य जारी है। घटना दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है।

नमक कारखाने की दीवार अचानक गिरने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक परसोत्तम सबरिया भी मौके पर पहुंचे।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि दीवार गिरने के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने में कुछ समय लगा, जिससे मौतों में वृद्धि हुई।

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