पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल एविएशन रूट बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत में भी काफी इजाफा हुआ है। लेकिन इन तमाम मुश्किलों के बावजूद अहमदाबाद के अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो बिजनेस की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है।
सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय (एसवीपीआई) हवाई अड्डे ने अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई के मामले में एक नया मुकाम हासिल किया है। फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद और रसायनों के बंपर निर्यात ने अप्रैल महीने में इस हवाई अड्डे को शानदार ग्रोथ दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल 2026 में अहमदाबाद हवाई अड्डे ने 5,893.7 मीट्रिक टन (एमटी) अंतरराष्ट्रीय कार्गो को हैंडल किया। यह आंकड़ा अप्रैल 2025 में दर्ज 4,361 एमटी के मुकाबले 35.1% अधिक है।
अहमदाबाद का यह बेहतरीन प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है जब देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों का हाल बेहाल है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी अवधि के दौरान दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े कार्गो गेटवे पर माल ढुलाई में औसतन 5% की गिरावट देखी गई।
एसवीपीआई एयरपोर्ट पर कार्गो की इस ग्रोथ का सिलसिला पिछले कई महीनों से लगातार जारी है। फरवरी 2026 में यहां अंतरराष्ट्रीय कार्गो का वॉल्यूम 5,995.6 एमटी तक पहुंच गया था। यह फरवरी 2025 के 3,679.5 एमटी की तुलना में 63% का एक भारी उछाल था।
मार्च के महीने में भी इस हवाई अड्डे ने स्वस्थ वृद्धि दर्ज की। इस दौरान माल ढुलाई का आंकड़ा 17.7% की बढ़ोतरी के साथ 5,324.9 एमटी रहा, जो पिछले साल इसी महीने में 4,523.3 एमटी दर्ज किया गया था।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने इस लगातार हो रही वृद्धि का श्रेय मजबूत निर्यात मांग और बेहतर कार्गो-हैंडलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया है। अधिकारियों का मानना है कि हवाई अड्डे पर हाल ही में विकसित किए गए इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल का इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान रहा है।
एयरपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, अहमदाबाद से होने वाले निर्यात में सबसे बड़ी हिस्सेदारी इंजीनियरिंग से जुड़े सामानों की रही। इसके बाद फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, कपड़े, कूरियर शिपमेंट और मौसमी आमों का भारी मात्रा में निर्यात किया गया।
दूसरी ओर आयात का बाजार भी काफी मजबूत बना रहा। आयात की सूची में भी इंजीनियरिंग उत्पाद सबसे ऊपर रहे। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल सामान, फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी के कलपुर्जे और कपड़ों का स्थान रहा।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का मानना है कि वैश्विक लॉजिस्टिक्स पैटर्न में आ रहे बड़े बदलाव अब अहमदाबाद के पक्ष में काम कर रहे हैं। आईसीसी गुजरात के अध्यक्ष पथिक पटवारी के अनुसार, समुद्री लॉजिस्टिक्स में अनिश्चितता और शिपिंग में लगने वाले अधिक समय के कारण कई निर्यातकों ने अपना रुख बदला है।
पटवारी ने बताया कि निर्यातकों ने अपने महत्वपूर्ण और समय-संवेदनशील कंसाइनमेंट को समुद्र के बजाय हवाई मार्ग से भेजना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, गुजरात को यूरोपीय बाजारों से विशेषकर इंजीनियरिंग और फार्मा उत्पादों के लिए लगातार मजबूत मांग मिल रही है। पश्चिमी एशिया संकट से पैदा हुई रुकावटों के बावजूद इस मांग ने कार्गो वॉल्यूम बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यह ग्रोथ इसलिए भी खास है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर काम करने वाली एयरलाइंस को पश्चिमी एशिया में हवाई क्षेत्र के प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा सामना करना पड़ रहा है। उन्हें लंबी दूरी और उच्च लागत से लगातार जूझना पड़ रहा है।
इन तमाम भौगोलिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, गुजरात के निर्यातकों ने कीमती और जल्दी पहुंचने वाले शिपमेंट के लिए एयर कार्गो पर अपना पक्का भरोसा कायम रखा है। निर्यातकों के इसी भरोसे ने अहमदाबाद को आज देश के एयर फ्रेट सेक्टर में एक चमकते सितारे के रूप में स्थापित कर दिया है।
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