डेबिट-क्रेडिट कार्ड पर ग्राहकों के हित में आरबीआई के नए नियम, इनमें कार्ड धोखाधड़ी से लेकर बीमा और छिपे हुए शुल्क तक शामिल

| Updated: April 23, 2022 11:54 am

भारत में क्रेडिट कार्ड के बढ़ते उपयोग के मद्देनजर रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ग्राहकों को धोखाधड़ी और छिपे हुए शुल्क से बचाने के अलावा कई अन्य बातों पर नए दिशा-निर्देशों की घोषणा की है। इस मास्टर सर्कुलर में बैंकों और क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं के लिए दिशानिर्देशों, नियमों और दंड की एक लंबी सूची है। इतना ही नहीं, इन नए दिशा-निर्देशों में डेबिट कार्ड भी शामिल हैं। फिर भी सबसे महत्वपूर्ण और नई बात क्रेडिट कार्ड को लेकर है।

दरअसल कोविड-19 महामारी के बाद क्रेडिट कार्ड की लोकप्रियता में उछाल आया है। दिसंबर 2019 में कुल बकाया क्रेडिट कार्ड 55 मिलियन था, जो अब फरवरी 2022 के अंत में बढ़कर लगभग 72 मिलियन हो गया है। यह लगभग 30% की वृद्धि है।

आरबीआई के दिशा-निर्देशों में ग्राहकों की भलाई और बैंकों के कामकाज लिहाज से कई अहम बातें हैं। इसमें कहा गया है कि बैंकों को एक पेज में ब्याज दर, चार्जेज जैसी अहम बातें बतानी होंगी। इसी के साथ कार्ड अर्जी नामंजूर करने पर ग्राहक को बैंक इसकी वजह बताएंगे। इसके अलावा कार्ड की शर्तें बदलने पर ग्राहकों को जानकारी भेजनी होगी।

क्रेडिट कार्ड से संबंधित दिशा-निर्देशों की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

• निःशुल्क जारी किए गए क्रेडिट कार्ड पर कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं।

• कार्ड जारीकर्ता अब खोए हुए क्रेडिट कार्ड, या क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी से उत्पन्न होने वाली देनदारियों के लिए बीमा कवर पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए जारीकर्ता को कार्ड धारक से स्पष्ट अनुमति लेनी होगी।

• ऐसे क्रेडिट कार्ड को सक्रिय करने के लिए वन-टाइम पासवर्ड की आवश्यकता होगी, जो जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर सक्रिय नहीं किया गया है। यह उन मामलों को कवर करने में मदद करेगा, जहां एक अनधिकृत व्यक्ति ग्राहक को उनकी डिलीवरी से पहले कार्ड को इंटरसेप्ट करता है।

• कार्ड के सक्रिय होने से पहले किसी भी क्रेडिट ब्यूरो जैसे सिबिल, सीआरआईएफ, एक्सपेरियन आदि को कार्डधारकों की क्रेडिट जानकारी की सूचना नहीं दी जाएगी।

• मूलधन, ब्याज, छूट और शुल्क, यदि कोई हो, तो उसकी राशि का स्पष्ट रूप से उल्लेख करते हुए क्रेडिट कार्ड लेनदेन को समान मासिक किस्तों (ईएमआई) में बदलने में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करें।

• ब्याज के साथ ईएमआई रूपांतरण नो-कॉस्ट या शून्य-ब्याज ईएमआई के रूप में गुप्त नहीं होगा।

• क्रेडिट कार्ड के आवेदन को अस्वीकार करने के मामले में, जारीकर्ता को ऐसी अस्वीकृति का कारण लिखित रूप में बताना होगा।

• मौजूदा क्रेडिट कार्ड को बंद करने के अनुरोध को सात दिनों में पूरा किया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर जारीकर्ता को प्रतिदिन 500 रुपये का भुगतान ग्राहक को करना होगा।

• एक वर्ष की अवधि के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करने पर कार्ड धारक को 30 दिन के नोटिस के साथ बंद करना।

• क्रेडिट कार्ड से संबंधित शुल्कों में कोई भी परिवर्तन उनके चालू होने से 30 दिन पहले सूचित किया जाएगा।

डेबिट कार्ड से संबंधित दिशा-निर्देशों की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

• डेबिट कार्ड केवल उन्हीं ग्राहकों को जारी किए जाएंगे, जिनके पास बचत बैंक या चालू खाता है।

• नकद क्रेडिट या ऋण खाताधारकों को कोई डेबिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।

• बैंक किसी ग्राहक को डेबिट कार्ड लेने के लिए बाध्य नहीं करेंगे, और बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली किसी भी अन्य सुविधा का लाभ उठाने के लिए डेबिट कार्ड रखने को लिंक नहीं करेंगे।

• डेबिट कार्ड के अन्य रूप, जैसे पहनने योग्य, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा जारी किए जा सकते हैं।

Your email address will not be published.