comScore 'मंत्रियों के आलीशान बंगले चमकाना बंद करो', 92 करोड़ के खर्च पर कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार को घेरा - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

‘मंत्रियों के आलीशान बंगले चमकाना बंद करो’, 92 करोड़ के खर्च पर कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार को घेरा

| Updated: August 24, 2026 14:39

RTI से हुए खुलासे के बाद CJP का तीखा सवाल- मंत्रियों के आलीशान घरों पर 92 करोड़ खर्च हो सकते हैं, तो पीएम केयर्स फंड के पैसों से स्कूल क्यों नहीं बन सकते?

लुटियंस दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के आवासों के रखरखाव पर होने वाले भारी-भरकम खर्च को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कड़ा एतराज जताया है। पार्टी का कहना है कि इन पैसों का इस्तेमाल सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए किया जाना चाहिए। एक मीडिया रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि 2014-15 में इन आवासों का सालाना खर्च 27 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 92 करोड़ रुपये हो गया है।

इन आंकड़ों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि नेताओं को अपने आलीशान घरों को संवारना बंद करके स्कूलों को ठीक करना चाहिए। पार्टी के अनुसार 92 करोड़ रुपये में 10 नए विश्व स्तरीय सरकारी स्कूल बनाए जा सकते हैं। सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के आधार पर बताया गया है कि पिछले 12 वर्षों में मंत्रियों के आवासों पर कुल 547.68 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

खर्च के इन आंकड़ों को विस्तार से देखें तो 2014 से 2019 के बीच 133.9 करोड़, 2019 से 2024 के बीच 250 करोड़ और 2024 से 2026 के लिए 174.5 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है। CJP का स्पष्ट कहना है कि देश में धन की कोई कमी नहीं है, बल्कि उस पैसे को सरकारी स्कूलों के लिए खर्च करने की नीयत गायब है।

यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब CJP ग्रामीण सरकारी स्कूलों में बेहतर बुनियादी ढांचे के लिए अपना ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है। 15 अगस्त को शुरू किए गए इस अभियान के तहत स्कूलों के सोशल ऑडिट और बिजली, पीने के पानी, शौचालय तथा मिड-डे मील जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग की जा रही है। पार्टी ने ग्रामीण इलाकों के छात्रों के लिए परिवहन के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है।

इससे पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पीएम केयर्स फंड को लेकर भी सरकार से तीखे सवाल पूछे थे। उन्होंने पूछा था कि इस फंड का इस्तेमाल ग्रामीण सरकारी स्कूलों की बदहाली दूर करने के लिए क्यों नहीं किया जा सकता। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, पीएम केयर्स का फंड 2023-24 के 7,173.03 करोड़ रुपये से 17.8 प्रतिशत बढ़कर 2024-25 में 8,452.07 करोड़ रुपये हो गया है। दिपके ने अपने हालिया दौरों का जिक्र करते हुए बताया कि गांवों के कई स्कूलों में बच्चों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है।

दिपके ने हिसाब लगाते हुए कहा कि अगर एक सर्वसुविधायुक्त मॉडल स्कूल बनाने में 8 करोड़ रुपये का खर्च आता है, तो पीएम केयर्स में पड़े करीब 8,500 करोड़ रुपये से 1,000 से अधिक हाई-टेक स्कूल बनाए जा सकते हैं। उनका आरोप है कि एक तरफ स्कूलों के लिए फंड न होने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी तरफ इतनी बड़ी रकम बिना इस्तेमाल के पड़ी है। बता दें कि पीएम केयर्स फंड 27 मार्च 2020 को कोविड-19 जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए बनाया गया था, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और रक्षा, गृह व वित्त मंत्री इसके ट्रस्टी हैं।

इन आरोपों पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने CJP पर पीएम केयर्स फंड के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है। बीजेपी की गोवा इकाई ने स्पष्ट किया कि यह फंड आपातकाल और आपदा राहत के लिए है। साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए CJP को AAP का ‘पेट प्रोजेक्ट’ करार दिया। बीजेपी ने दिपके को चुनौती दी कि वे पंजाब जाकर वहां के स्कूलों का जायजा लें और आम आदमी पार्टी के दावों की हकीकत देखें।

इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच शुक्रवार को जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में एक चौंकाने वाली घटना भी सामने आई। ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने गए CJP के सह-संयोजक आशुतोष रंका और कई पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर हमला कर दिया गया। रंका का आरोप है कि कुछ लोगों ने उनकी टीम को गांव में घुसने से रोका और मारपीट की, जिसमें एक वॉलंटियर का हाथ टूट गया।

घटनास्थल के वीडियो में CJP टीम और स्थानीय लोगों के बीच झड़प तथा गाड़ियों के टूटे हुए शीशे साफ देखे जा सकते हैं। आशुतोष रंका ने इस हमले के पीछे सीधे तौर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं का हाथ होने का आरोप लगाया है। हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और फिलहाल इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

यह भी पढ़ें-

5000 साल पुराने दांतों ने खोला हड़प्पा सभ्यता का राज: शहरीकरण के साथ पूरी तरह बदल गई थी लोगों की थाली

महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर भारत: 2036 तक अमीर उपभोक्ताओं के मामले में चीन को छोड़ देगा पीछे

Your email address will not be published. Required fields are marked *