महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में ‘धारावी एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन किया। इस खास मौके पर उन्होंने धारावी को समर्पित एक एंथम का अनावरण किया और एक कॉफी टेबल बुक भी लॉन्च की।
यह पुस्तक एशिया की सबसे बड़ी अनौपचारिक बस्तियों (इनफॉर्मल सेटलमेंट) में शुमार धारावी और यहां रहने वाले दस लाख से अधिक निवासियों की जीवन यात्रा को बयां करती है।

कुल 22,500 वर्ग फीट में फैला यह अत्याधुनिक ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ स्थानीय निवासियों को धारावी के प्रस्तावित पुनर्विकास की पहली वास्तविक झलक दिखाता है। इस केंद्र के माध्यम से घरों, कार्यस्थलों, परिवहन और सामुदायिक बुनियादी ढांचे को एक साथ जुड़ते हुए प्रदर्शित किया गया है।
इस केंद्र के मुख्य आकर्षणों में वास्तविक आकार के डेमो घर शामिल हैं। आगंतुक यहां 350 वर्ग फीट के पुनर्वास घरों और 500 वर्ग फीट के नवीनीकृत अपार्टमेंट के भीतर जा सकते हैं। वे इन बिना सजे (अनफर्निश्ड) और पूरी तरह से सजे (फर्निश्ड) घरों के जरिए प्रस्तावित लेआउट और भविष्य में जगह के उपयोग को समझ सकते हैं।
यहां मौजूद एक विस्तृत 3डी वॉकथ्रू के जरिए लोग पूरे प्रस्तावित इलाके का मुआयना कर सकते हैं। इसमें आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों, सड़कों, परिवहन संपर्कों, सार्वजनिक सुविधाओं और खुली जगहों को बारीकी से दर्शाया गया है। इसके अलावा, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों के माध्यम से धारावी के इतिहास और मुंबई की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाले यहां के उद्योगों को भी रेखांकित किया गया है।
यह पुनर्विकास योजना धारावी के घरों और आजीविका के बीच के गहरे संबंध को बनाए रखने पर केंद्रित है। योजना के तहत स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, पूजा स्थल और पार्क जैसी मजबूत सामाजिक संरचनाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही, निवासियों और अन्य मुंबईकरों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक ‘मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब’ का निर्माण भी किया जाएगा।
योजना में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत मीठी नदी का कायाकल्प किया जाएगा और 3.3 किलोमीटर लंबा सार्वजनिक रिवरफ्रंट बनाया जाएगा। पूरे इलाके में लगभग 40,000 पेड़ लगाए जाएंगे और नए पार्क विकसित करके खुली जगहों का विस्तार किया जाएगा।
स्थानीय निवासियों की मदद और मार्गदर्शन के लिए इस केंद्र में डिजिटल और सहायता डेस्क भी बनाए गए हैं। इनके माध्यम से लोग सर्वे, पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें-









