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भारत के सेमीकंडक्टर विजन को इंसानी बुद्धिमत्ता और कुशल प्रतिभा की जरूरत: डॉ. प्रीति अडानी

| Updated: October 24, 2026 14:23

अडानी यूनिवर्सिटी के CHIPS 2026 कॉन्क्लेव में डॉ. प्रीति अडानी ने कहा- मशीनों की बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि कुशल युवा और रिसर्च ही तय करेंगे भारत का तकनीकी भविष्य।

अहमदाबाद में 24 अक्टूबर को अडानी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित ‘कॉन्क्लेव ऑन हार्डवेयर, इनोवेशन, प्रोसेसिंग एंड सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज’ (CHIPS) 2026 में संस्थान की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अडानी ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र के विकास के लिए कुशल प्रतिभा और निरंतर शोध अत्यंत आवश्यक हैं।

डॉ. अडानी ने कहा कि एक मजबूत सेमीकंडक्टर उद्योग खड़ा करने के लिए केवल उन्नत विनिर्माण सुविधाओं की ही नहीं, बल्कि जटिल तकनीकों को डिजाइन और विकसित करने वाले कुशल लोगों की भी दरकार है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारी तकनीकी प्रगति का असली पैमाना मशीनों की बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि यह होगा कि हम एक बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए इंसानी बुद्धिमत्ता का कितनी समझदारी से उपयोग करते हैं।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, अडानी यूनिवर्सिटी अहमदाबाद में अपने आगामी बहु-विषयक वैश्विक परिसर में सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग में विशेषज्ञता विकसित करने की योजना बना रही है। इसके तहत युवा इंजीनियरों के लिए विशेष कार्यक्रम, उद्योग के पेशेवरों के लिए कार्यकारी शिक्षा और संकाय विकास जैसी महत्वपूर्ण पहल की जाएंगी, ताकि अकादमिक शिक्षा को सीधे उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ा जा सके।

भारत का लक्ष्य अब केवल फैब्रिकेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि चिप डिजाइन और पैकेजिंग में भी वैश्विक विशेषज्ञता हासिल करना है। ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के साथ-साथ गुजरात के धोलेरा और सानंद में चल रही परियोजनाएं इस दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसी बड़े विजन के तहत, अडानी समूह के अध्यक्ष श्री गौतम अडानी ने 2035 तक नवीकरणीय ऊर्जा-संचालित एआई बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता भी जताई है।

इस प्रतिष्ठित कॉन्क्लेव में क्वालकॉम, एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, सिनोप्सिस, सिरिल अमरचंद मंगलदास और इन्फिनियोन टेक्नोलॉजीज जैसे वैश्विक दिग्गजों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

आईआईटी मंडी, वीएलएसआई सोसाइटी ऑफ इंडिया और सिरिल अमरचंद मंगलदास के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में घरेलू डिजाइन क्षमताओं, तकनीकी भविष्य के निर्माण और उभरते करियर अवसरों पर तीन प्रमुख पैनल चर्चाएं भी आयोजित की गईं।

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