वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी के भूतपूर्व कुलपति बने मध्य प्रदेश राज्यपाल के ओएसडी नई नियुक्ति ने छेड़ा विवाद

| Updated: July 15, 2021 7:42 pm

वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी के 2 टर्म के कुलपति रह चुके डॉक्टर दक्षेश ठाकर की सेवानिवृत्ति पश्चात मध्य प्रदेश राज्यपाल मंगू भाई पटेल के ओएसडी के तौर पर नियुक्त हुए हैं. इसी नियुक्ति के साथ डॉक्टर दक्षेश ठाकर विवादों में घिर गए हैं और विद्या-विद लोगो की नाराजगी के शिकार हुए हैं.

मध्यप्रदेश राज्यपाल के ओएसडी डॉ. दक्षेश ठाकर

डॉक्टर दक्षेश ठाकर के कार्यकाल दौरान अध्यक्ष रह चुके विद्याविद ने हमसे बात करते हुए कहा कि, ” डॉक्टर ठाकर अपने निजी राजकीय फायदे के लिए यह सब कर रहे हैं. मध्य प्रदेश के गवर्नर के तौर पर मंगू भाई पटेल की नियुक्ति के साथ ही डॉक्टर दक्षेश उन्हें बधाई देने मिठाइयां और फूल लेकर पहुंच गए थे. जब वे विश्वविद्यालय के कुलपति थे तब अक्सर ऐसा देखा है कि अपने कद को बढ़ावा देने उन्होंने विश्वविद्यालय के मान सम्मान को ठेस पहुंचाई हो. आज भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया है और वे सफल रहे हैं “

सूर्यकांत शाह जो खुद विद्याविद है उनका मानना है की ” एक कुलपति की गरिमा एक कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होती है. उनको मध्य प्रदेश राज्यपाल के ओएसडी की नियुक्ति नहीं स्वीकार नहीं चाहिए थी. उनको अपना कुलपति के तौर पर स्टेटस बनाए रखना उचित था और यह पद से दूर रहना चाहिए था. “

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने हमसे बात करते हुए कहा डॉक्टर दक्षेश ठाकर ने साहित्य और शिक्षा जगत में काफी अच्छा काम किया है परंतु कुलपति के सर्वोच्च पद पर रह चुके दक्षेश ठक्कर ने मध्य प्रदेश के गवर्नर के ओएसडी पद की नियुक्ति को स्वीकार करके कुलपति की गरिमा के विरुद्ध है और इसे ठेस पहुंचाई है. उनको इन सब से दूर रहना चाहिए था और उनकी प्रतिभा को देखते हुए सरकार को उनकी नियुक्ति शिक्षा के काम में आए ऐसे पद पर उनको नियुक्त करना चाहिए था.यह सभी फैसले आर एस एस के हिसाब से हो रहे हैं . मध्य प्रदेश राज भवन बी आर एस एस के मुताबिक चल रहा है. गवर्नर या महामहिम का पद देश का संविधानिक पद है जिस पर आर एस एस के लोगों ने अपना कब्जा जमा लिया है जो मोदी सरकार की चाल है और इस नियुक्ति का निर्देश नागपुर से मिला है.” 

गुजरात कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी

वहीं भाजपा प्रवक्ता यमल व्यास ने हमें बताते हुए कहा,” दक्षेश भाई की कुलपति के तौर पर अवधि समाप्त हो चुकी है. वे अत्यंत प्रतिभाशाली इंसान है और मध्य प्रदेश राज्यपाल ने उनकी कार्य क्षमता को देखते हुए उनकी ओवैस डी के तौर पर नियुक्ति की है जो की कोई भी विवाद से परे है. हां अगर कोई इंसान कुलपति रहते हुए उस पद की गरिमा को हानि पहुंचाने का काम करता तो वह कार्य निंदा के पात्र होता पर यहां दक्षेश ठाकर अब कुलपति ना रहते हुए आम इंसान के तौर पर नियुक्त हुए हैं और मुझे भरोसा है कि राज्य से उनकी क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल हो सके इसीलिए यह नियुक्ति हुई है. ” 

गुजरात भाजपा प्रवक्ता यमल व्यास

हमारी टीम ने जब पूर्व कुलपति और फिलहाल मध्य प्रदेश गवर्नर के ओएसडी डॉक्टर दक्षेश ठाकर से संपर्क करने की कोशिश की तो हमें उनका कोई जवाब नहीं मिला.

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