पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद, साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में गुजरात की सूचीबद्ध (लिस्टेड) कंपनियों ने भारतीय शेयर बाजार में शानदार प्रदर्शन किया है। एक तरफ जहां प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए, वहीं अदाणी समूह के नेतृत्व में गुजरात की कई कंपनियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी निवेशकों को डबल-डिजिट में बंपर रिटर्न दिया है।
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से लेकर अब तक बीएसई सेंसेक्स में लगभग 9.7 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। इसी अवधि के दौरान एनएसई निफ्टी भी 8.2 प्रतिशत तक लुढ़क गया है। शेयर बाजार के इस निराशाजनक माहौल के बीच गुजरात आधारित कंपनियों के शेयरों ने अपनी एक अलग ही मजबूत राह चुनी।
इस रैली में अदाणी पावर 31 दिसंबर 2025 की क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले 58 प्रतिशत के जोरदार उछाल के साथ सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली कंपनी बनकर उभरी है। अदाणी पावर के बाद इस शानदार तेजी में अदाणी ग्रीन एनर्जी 51 प्रतिशत और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस 47 प्रतिशत की बढ़त के साथ मजबूती से डटे रहे।
अन्य कंपनियों के प्रदर्शन की बात करें तो, अदाणी एंटरप्राइजेज ने 40 प्रतिशत तथा अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड ने 25.75 प्रतिशत की शानदार छलांग लगाई है। इनके अलावा, टोरेंट फार्मास्युटिकल्स ने 25.5 प्रतिशत, एआईए इंजीनियरिंग ने 24 प्रतिशत, जाइडस लाइफसाइंसेज ने 21.5 प्रतिशत और गुजरात अल्कलीज एंड केमिकल्स ने 21 प्रतिशत का जबरदस्त मुनाफा दर्ज किया है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस बेहतरीन तेजी के पीछे कंपनियों का मजबूत कामकाज, घरेलू बाजार में लगातार बनी हुई मांग और स्वस्थ बैलेंस शीट मुख्य कारण रहे हैं। निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनकी कमाई का अनुमान स्पष्ट हो। बुनियादी ढांचा, बंदरगाह, एनर्जी ट्रांजिशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में गुजरात की कंपनियों का काफी दबदबा है। इन क्षेत्रों को सरकार की नीतियों और निरंतर पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की उम्मीदों का भी सीधा फायदा मिला है।
हालांकि, तेजी का यह सफर पूरी तरह से बाधारहित नहीं था। मार्च के महीने में पश्चिम एशिया संघर्ष के गहराने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण इन शेयरों पर भी भारी दबाव देखा गया। उस दौरान महंगाई, बढ़ती लागत और भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर निवेशकों की चिंताएं काफी बढ़ गई थीं।
लेकिन जैसे ही युद्धविराम की घोषणा हुई, बाजार के सेंटिमेंट में तेजी से सुधार देखने को मिला। माहौल अनुकूल होते ही गुजरात के इन शेयरों में एक बार फिर से जोरदार खरीदारी शुरू हो गई और कंपनियों ने अपना खोया हुआ मुकाम वापस हासिल कर लिया।
जाने-माने स्टॉकब्रोकर और मर्चेंट बैंकर वनेश पांचाल ने इस स्थिति का विश्लेषण करते हुए बताया कि फरवरी के अंत से ही पश्चिम एशिया के तनाव के कारण भारतीय इक्विटी बाजार संघर्ष कर रहा था। इसके बावजूद, आकर्षक वैल्यूएशन के दम पर अदाणी समूह के शेयरों सहित गुजरात की कई कंपनियों ने प्रमुख इंडेक्स को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया है।
पांचाल ने आगे कहा कि सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण बाजार में उत्पादों की उपलब्धता सख्त हुई, जिससे कीमतों में इजाफा हुआ और इन कंपनियों का मुनाफा बढ़ गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब बाजार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह शानदार आउटपरफॉर्मेंस आगे भी जारी रहेगा।
यह पूरी तरह से मांग और प्रोडक्ट की कीमतों की स्थिरता पर निर्भर करेगा। ऐसे में आने वाले जून तिमाही के नतीजे ही इस तेजी की लय का पहला बड़ा परीक्षण साबित होंगे।
यह भी पढ़ें-
जून में 82% बारिश की कमी के साथ गुजरात देश में सबसे सूखा राज्य, 8 जिलों के हालात बेहद चिंताजनक
गुजरात के किसानों पर दोहरी मार! 2019 से नहीं मिला फसल बीमा का लाभ, कांग्रेस ने लगाया बड़ा आरोप











