गोडसे अभी जिंदा है? जामनगर से शुरू हुई “गोडसे कथा” का देश भर में होगा आयोजन

| Updated: January 15, 2022 10:58 am

ग्वालियर में गोडसे प्रतिमा स्थापना की कवायद ,हरिद्वार से निकली हिन्दू राष्ट्र का और गांधी के अपमान के सुर के बाद अब “गोडसे गाथा ” सुनने के लिए तैयार हो जाइये | गोडसे गाथा यानि नाथूराम गोडसे द्वारा अदालत में दिए गए 45 मिनट का बयान जिसमे वह अपने कृत्य को जायज ठहराने की कोशिश करता है और उसके बाद वक्ताओं द्वारा गोडसे का महिमामंडन |
भगवा ध्वज , तिलकधारी लोगों का समूह ,नाथूराम गोडसे की प्रतिमा और यह सब अहम हिस्सा है “गोडसे गाथा का” | आयोजक होती है हिन्दू सेना | यह सब होता है ” गुजरात के जामनगर में | जो गाँधी की जन्मस्थली पोरबंदर से महज 104 किलोमीटर दूर गुजरात का पांचवा सबसे बड़ा शहर है | हिन्दू सेना पिछले लम्बे समय से गुजरात में नाथूराम गोडसे की विचारधारा को और गाँधी हत्या को जायज ठहराने की कोशिश कर रही है |

हिन्दू सेना के प्रदेश अध्यक्ष के प्रदेश अध्यक्ष प्रतीक भट्ट ने ” वाइब्स ऑफ इंडिया ” से बात करते हुए कहा की ” राष्ट्र धर्म और और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले ” महात्मा नाथूराम गोडसे की गाथा जन जन तक पहुंचाने के लिए भारतवर्ष में पहली बार 1 जनवरी 2022 को गुजरात के जामनगर में हिंदू सेना ने कई बाधाओं को पार करते हुए “गोडसे गाथा” की शुभ शुरुआत की। जिसमें निडर और क्रांतिकारी युवा शामिल हुए। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के मुताबिक अब इसे देश भर में सुनाया जायेगा |

हिन्दू सेना के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष के प्रदेश अध्यक्ष प्रतीक भट्ट

जब उनसे गोडसे को गाँधी का हत्यारा संबंधी सवाल पूछा गया तो प्रतिउत्तर में उन्होंने कहा ” जब तक कि एक अखंड भारत का निर्माण नहीं हो जाता तब तक ब्रम्हचारी रहने का संकल्प लेने वाला देशभक्त देशद्रोही हो सकता है ?”क्या एक देशभक्त जो भारत को एकजुट करने का सपना देखता है और हिंदू धर्म की रक्षा करता है और मुस्कुराते हुए फांसी पर चढ़ जाता है वह देशद्रोही हो सकता है?जो कोई अखंड भारत नहीं बनता और अपने व्यक्तित्व को तब तक नहीं खंडित करता जब तक कि सिंधु नदी पूरी तरह से भारत में वापस नहीं आ जाती, ताकि उसकी अस्थियां अभी भी अष्टकुम्भ में इंतजार कर रही हैं, क्या वह देशद्रोही होने के लिए अपने मोक्ष का बलिदान दे सकता है?
फिर भी महात्मा नाथूराम गोडसे जी और उनका समर्थन करने वाले देशद्रोही लगते हैं और कांग्रेस भी यही सोचती है, तो हमें देशद्रोही होने पर गर्व है ।

जामनगर शहर कांग्रेस प्रमुख वीरेंदर सिंह जाडेजा ने वाइब्स आफ इंडिया से कहा की यह अतिवादियों का समूह है | लेकिन हम गाँधी को मानने वाले हैं हमने तय किया है की अब जंहा गोडसे कथा होगी वहा जाकर अहिंसात्मक तौर से हम विरोध करेंगे | उन्होंने इस प्रक्रिया को देश और दुनिया के लिए खतरनाक बताया | उनका कहना है की गाँधी {महात्मा गाँधी} जिनके कारण दुनिया में भारत की पहचान है उनकी हत्या करने वाला और उनको महिमामंडित करने वाले देशभक्त कैसे हो सकते हैं ?

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता यमल व्यास

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता यमल व्यास ने कहा की जब हिन्दू सेना ने गोडसे की प्रतिमा लगायी थी तब भी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया था की वह इस तरह के किसी कृत्य के खिलाफ है | मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला आया नहीं है ,अगर है तो गलत है | गाँधी बापू के सम्मान से कोई खिलवाड़ नहीं होनी चाहिए |

जबकि जामनगर पुलिस अधीक्षक नीतेश पांडेय ने वाइब्स आफ इंडिया से कहा की अभी तक ऐसा कोई मामला उनके ध्यान में नहीं आया है , अगर कोई शिकायत आती है तो विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी |

पहले भी विवादों में रही है हिन्दू सेना
हिन्दू सेना और गोडसे से जुड़े विवाद पुराने हैं | नाथूराम गोडसे की प्रतिमा जामनगर में ही संपत बापू के आश्रम में 15 नवम्बर को स्थापित की थी , जिसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खंडित कर दिया था , जिस पर दोनों पक्षों के बीच संघर्ष भी हुआ था ,पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया था |

क्या होता है गोडसे गाथा में
नाथूराम गोडसे की गोडसे गाथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ” मन की बात ” के तर्ज पर ही होती है | गोडसे की प्रतिमा के माल्यापर्ण के बाद पहले हनुमान चालीसा का पाठ और फिर गोडसे का वह रिकार्ड बजाया जाता है जो उनका अदालत में अंतिम बयान माना जाता है , जिसमे वह अपने अपराध यानि गाँधी हत्या को जायज ठहराते हैं | फिर अंत में हिन्दू-सिंधु यानि अखंड भारत का संकल्प लिया जाता है | जिसमे हिन्दू राष्ट्र बनाने और अखंड भारत की वही कल्पना है जो गोडसे ने की थी | कार्यक्रम के अंत में हिन्दू सेना द्वारा उस यजमान का सम्मान किया जाता है जो गोडसे गाथा का आयोजन करता है |

हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता

गाँधी का नहीं गोडसे का है गुजरात – विष्णु गुप्ता
हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने वाइब्स आफ इंडिया से गोडसे गाथा गुजरात से शुरू करने का कारण बताते हुए कहा कि ” लोग कहते है की गुजरात गाँधी का नहीं गोडसे का है ,यह देश ही गोडसे का है जिन्होंने देश के लिए फांसी का फंदा चूमा है ,गुजरात में गोडसे को पसंद करने वाले बहुत लोग है | गुप्ता गाँधी की बजाय गोडसे को महात्मा मानते हैं | वह गाँधी को राष्ट्रपिता ,महात्मा या बापू कहने को असंवैधानिक मानते हुए गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा है , अपनी दक्षिण पंथी प्रदर्शनों में कई बार अदालतीय मामलो का सामना कर रहे गुप्ता के मुताबिक 16 राज्यों में उनका संगठन है और लाखो कार्यकर्ता है ,जिनका बकायदा विवरण उनकी वेबसाइट में दर्ज है | गुप्ता ने वाइब्स आफ इंडिया को बताया कि गुजरात से शुरू हुयी गोडसे कथा अब पुरे देश में होगी | साथ ही गाँधी पुण्यतिथि के दिन गोडसे की किताब गाँधी वध क्यों और कैसे बाटी जाएगी | गोडसे के विचारो को फ़ैलाने में उनका संगठन लगा है | उन्होंने किसी दलीय राजनीति से इंकार किया | उनके संगठन की वेबसाइट के मुताबिक 1984 में एटा में पैदा हुए गुप्ता 8 साल की उम्र में राममंदिर आंदोलन में शामिल हुए थे ,फिर दिल्ली आकर 10 अगस्त 2011 को हिन्दू सेना की स्थापना की तब से कई बार जेल जा चुके है ” हिन्दुराष्ट्र ” के लिए |

Your email address will not be published.