उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक बेहद खौफनाक हादसा सामने आया। यहां उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक कोचिंग-कम-गेमिंग जोन में अचानक भयंकर आग लग गई। इस भीषण अग्निकांड ने कई मासूम जिंदगियों को अपना शिकार बना लिया। घटना में अब तक कम से कम 15 छात्रों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
दमकल विभाग और रेस्क्यू ऑपरेशन
यह दुखद घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे सेक्टर डी, बी/2 इलाके की एक इमारत में हुई। आग लगने की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीम तुरंत हरकत में आई। आग की भयावहता को देखते हुए 14 फायर टेंडर और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाहन को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। बचाव दल ने बिना समय गंवाए इमारत में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया।
ट्रॉमा सेंटर में चीख-पुकार और हालात
हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों और पीड़ितों को लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल अग्रवाल ने अस्पताल में मौजूद हालात की विस्तृत जानकारी दी।
“हमारे पास लगभग 21-22 बच्चों को लाया गया था। इनमें से पांच बच्चे घायल हैं, जिन्हें भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। जान बचाने की जद्दोजहद में ऊपर से कूदने वाले दो बच्चों की पीठ में गंभीर चोटें आई हैं और उनका सीटी स्कैन किया गया है। बेहद दुख की बात है कि 15 बच्चों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। पोस्टमार्टम के लिए शवों को मोर्चरी भेजने की प्रक्रिया जारी है।”
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुरुआत में 14 मौतों की पुष्टि की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
“अधिकारियों ने घटनास्थल पर अपना सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया है और यह सुनिश्चित कर लिया गया है कि अब इमारत में कोई बच्चा नहीं फंसा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के कारणों का सही पता चल सकेगा। इस मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ बिना किसी नरमी के सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अलीगढ़ का दौरा छोड़ लखनऊ दौड़े सीएम योगी, SIT का गठन
इस भीषण त्रासदी की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़कर तुरंत लखनऊ लौट आए। अलीगढ़ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया था। लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने सीधे घटनास्थल का मुआयना किया और नुकसान का जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को भी मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई और दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया। इस टीम में पर्यटन, धर्म और संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। टीम को प्रशासनिक और परिचालन संबंधी खामियों की गहन जांच कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया गया है।
पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
लखनऊ के सांसद और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना को हृदयविदारक बताया। उन्होंने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और मौके का जायजा लेने के लिए वह भी लखनऊ पहुंच गए।
सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस हादसे में जान गंवाने वालों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।
बेजुबान जानवरों की भी गई जान
इस अग्निकांड का कहर केवल इंसानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बेजुबान जानवरों को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसके भूतल पर एक पेट शॉप और एनिमल क्लीनिक मौजूद था। बचाव दल ने वहां से कई बिल्लियों को तो सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन आग की भीषण लपटों की चपेट में आकर कुत्ते और बिल्ली सहित छह से अधिक पालतू जानवरों की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई।
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