मुंबई और आसपास के इलाकों में खसरा का प्रकोप: एक महीने में 13 मौतें

| Updated: November 24, 2022 11:50 am

पिछले महीने में 13 मौतों और मामलों में तेजी से वृद्धि के साथ, मुंबई (Mumbai) और उसके आसपास के क्षेत्रों में खसरा का प्रकोप (measles outbreak) देखा जा रहा है। बुधवार तक, शहर में 233 पुष्ट मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 200 से अधिक पिछले दो महीनों में दर्ज किए गए थे।

यह पिछले कुछ वर्षों से बड़ी बृद्धि है – 2021 में 10 मामले और 1 मौत; 2020 में 29 मामले और कोई मौत नहीं; और 2019 में 37 मामले और 3 मौतें हुईं थीं।

आसपास के क्षेत्रों में, जहां मामलों की सूचना दी गई है उसमें, मालेगांव में 51, भिवंडी में 37, ठाणे में 28, नासिक में 17, ठाणे ग्रामीण में 15, अकोला में 11, नासिक और यवतमाल में 10-10 और कल्याण-डोंबिवली और वसई-विरार में नौ-नौ (17 नवंबर तक) मामले सामने आए।

इन क्षेत्रों में प्रभाव ने राज्य के केस काउंट को 553 (बुधवार तक) तक चढ़ते हुए देखा है, जो पिछले साल की तुलना में छह गुना अधिक है, जब इसने 92 मामलों और 2 मौतों की सूचना दी थी। राज्य ने 2020 में 193 मामले और 3 मौतें दर्ज कीं; और 2019 में 153 मामले और 3 मौतें दर्ज की थी।

अब तक हुई 13 मौतों में से नौ मुंबई से थीं जबकि शेष शहर के बाहरी इलाके से थीं – एक नालासोपारा से और तीन भिवंडी से। जबकि तीन 0-11 महीने के आयु वर्ग में थे, आठ 1-2 साल के समूह में थे, और दो 3-5 साल के समूह में से थे।

पहली मौत 26-27 अक्टूबर के बीच हुई थी, जब तीन बच्चों – फजल खान (13 महीने), नूरैन (साढ़े तीन साल), हसनैन (5 साल) की 48 घंटे के भीतर मौत हो गई, सभी गोवंडी इलाके में। ठाणे के कलवा जिला अस्पताल में एक 14 महीने की बच्ची की मौत के अलावा अन्य सभी मौतें मुंबई के अस्पतालों में हुई हैं।

मुंबई के सात जगहों – धारावी, गोवंडी, कुर्ला, माहिम, बांद्रा और माटुंगा – हॉटस्पॉट (hotspots) के रूप में उभरे हैं। जबकि सितंबर तक मामलों की संख्या 25 थी, अक्टूबर में शहर में 60 मामले सामने आए, जो प्रकोप की शुरुआत का संकेत देते हैं।

अधिकारियों ने कोविड (Covid) के कारण टीकाकरण (vaccination) में अंतराल पर मामलों में प्रसार को जिम्मेदार ठहराया। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार, खसरे के टीके को दो खुराकों में – 9 और 15 महीने की उम्र में दिया किया जाना है।

“कोविड -19 के बीच, टीकाकरण प्रभावित हुआ। हमारे पास लगभग 20,000 बच्चे हैं जिन्हें खसरे का टीका नहीं मिला है। अब, हम इन सभी बच्चों पर नज़र रख रहे हैं और प्राथमिकता पर टीकाकरण शिविर आयोजित कर रहे हैं,” बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंगला गोमारे ने कहा।

जबकि नागरिक निकाय ने टीकाकरण में तेजी लाई है, आंकड़ों से पता चला है कि अक्टूबर तक, जब इसका प्रकोप शुरू हुआ था, मुंबई में केवल 41 प्रतिशत योग्य बच्चों को ही टीका लगाया गया था।

Also Read: मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त के चयन में हस्तक्षेप नहीं कर सकती न्यायपालिका: सरकार

Your email address will not be published. Required fields are marked *