आरडी बर्मन को झंकार बीट्स के साथ सुजॉय घोष की संगीतमय श्रद्धांजलि

| Updated: June 27, 2021 5:33 pm

बॉस कौन है, मालूम है क्या

27 जून, 1939 को श्रीमान और श्रीमती एसडी के घर लड़का हुआ

डबलू, जी हां! हम सब उसे जानते हैं                        

पंचम, सही पहचाना, पंचम…

अगर आप कोलकाता में पैदा हुए और पले-बढ़े हैं, तो किशोर कुमार और आरडी बर्मन आपके खून में हैं। ‘मुसाफिर हूं यारों’, ‘दुक्की पे दुक्की हो’, ‘तेरे बिना जिंदगी से कोई, शिकवा तो नहीं’,  ‘कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना…’ क्या शानदार कॉम्बिनेशन हैं!

मेरे जीवन में बहुत शुरुआती दिनों में, उस उम्र में जब आप किसी ऐसी चीज की तलाश में होते हैं, जिससे आप अपनी पहचान बना सकें, कुछ ऐसा जिसे देखकर आपको लगता है कि वह आपका है, उसी दौर में मैंने आरडी बर्मन को जाना। और उन्होंने तब से आज तक मुझे नहीं छोड़ा। हर साल दुर्गा पूजा के समय आने वाले बंगाली एल्बमों से लेकर दूरदर्शन पर बजने वाले हिंदी फिल्मों के गीतों तक, मैं उनके संगीत के साथ ही बढ़ा। किनारा, खुशबू और आंधी से लेकर सत्ते पे सत्ता, राही बादल गए और राजेश खन्ना की सभी फिल्मों के सभी गाने मुझे खुश करते थे। क्यों? मुझे नहीं पता। प्यार में पड़ने का कोई कारण नहीं होता है और जब आप कारणों की तलाश करते हैं, तो आप प्यार से दूर हो जाते हैं।

मैं कभी भी आरडी बर्मन के किसी फैन क्लब का हिस्सा नहीं रहा, लेकिन मैंने देखा है कि वह किस तरह से हीरो के लिए लोगों के मन में श्रद्धा भर देते थे।

मैंने कभी किसी संगीत प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन एक छात्र के रूप में मैं बर्मिंघम में आरडी बर्मन के एक संगीत कार्यक्रम में गया था और मंच पर मैंने उस महान शख्सियत को देखा। क्या शानदार गायक थे!

मैंने राहुल बोस के ऋषि जैसे पात्रों को देखा है, जो अपरिपक्व और जल्दी गुस्सा होते हैं, और मैंने जूही की शांति जैसी प्यारी, सबका ध्यान रखने वाली पात्र को भी देखा है।

मैंने पैसे, करियर और प्यार से जुड़ी समस्याएं देखी हैं।

मैंने इन सबको एक बर्तन में रखकर मिलाया, इसे दस गानों से सजाया और इसका नतीजा झंकार बीट्स के रूप में सामने आया। पुराने हिट गानों में ढिंचैक बीट्स जो जोड़कर और उनमें टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ट्रेंड से हटकर यह टाइटल बना। मैंने ‘झंकार बीट्स’ का इस्तेमाल तीन युवाओं की जिंदगी में टेक्नोलॉजी लाने के लिए किया। यह फिल्म ‘बॉस’ को मेरी श्रद्धांजलि है। कहानी और कहानी 2 में भी मैंने बैकग्राउंड में उनकी कुछ रचनाओं का इस्तेमाल किया था। मुझे अफसोस है कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका कभी नहीं मिला, लेकिन आरडी बर्मन मेरी सभी फिल्मों में हमेशा मौजूद रहेंगे।

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