मुंबई के जुहू में 18 अक्टूबर को बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात के बाद फरार हो रहे तीनों शूटरों के आका न्यूज़ चैनलों की लाइव कवरेज देखकर उन्हें पल-पल की जानकारी दे रहे थे। इन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए उन्हें लगातार पुलिस की हलचल बताई जा रही थी और भागने के रास्ते बदलने के निर्देश दिए जा रहे थे।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, जब टीवी पर हमले के विजुअल्स प्रसारित होने लगे, तब मुख्य संदिग्ध के मोबाइल पर एक बेहद अर्जेंट मैसेज आया। इस संदेश में साफ तौर पर लिखा था- “तुम्हारे चेहरे आ गए हैं, निकल जाओ वहां से।” इस तरह टीवी पर चल रही खबरों ने अनजाने में शूटरों के लिए एक रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम का काम किया।
मुंबई में हुई इस वारदात के ठीक अगले दिन, यानी 19 अक्टूबर को तीनों मुख्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा में एक ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया गया। ये तीनों फिलहाल 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 18 वर्षीय फूल सिंह, 18 वर्षीय रेहान रहीसुद्दीन अंसारी और 22 वर्षीय ऋतिक महतो के रूप में हुई है।
डिजिटल सबूतों की जांच से पता चला है कि आरोपी रेहान ‘वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल’ (VoIP) आधारित ऐप्स के जरिए लगातार अपने आकाओं के संपर्क में था। भागने के दौरान सिग्नल (Signal) और जांगी (Zangi) जैसे सुरक्षित ऐप्स का इस्तेमाल किया गया। इन ऐप्स की खासियत यह है कि इनमें संचार के लिए मोबाइल नंबर रजिस्टर करने की जरूरत नहीं होती, जिससे पुलिस के लिए लोकेशन ट्रेस करना काफी मुश्किल हो जाता है।
हैंडलर्स से मिल रही लगातार जानकारी के कारण ही आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई बार अपने सफर का तरीका बदला। अंधेरी में अपनी मोटरसाइकिल छोड़ने की खबर टीवी पर देखने के बाद उन्होंने पहले ट्रेन ली, फिर कैब का इस्तेमाल किया। इसके बाद उनकी योजना सूरत से बस पकड़ने की थी।
सूरत बस टर्मिनल पर देरी होने के कारण वे घबराकर दूसरी ट्रेन में सवार हो गए। हालांकि, मुंबई पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही थी और उनके एक सटीक अलर्ट के बाद कोटा पुलिस ने ट्रेन में ही तीनों को धर दबोचा।
बता दें कि 18 अक्टूबर की शाम दो शूटरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर कई राउंड फायरिंग की थी, जिसमें अभिनेता बाल-बाल बच गए थे। हालांकि, इस जानलेवा हमले में उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर को चोटें आईं। घटना के बाद पुलिस ने कई राज्यों में सघन अभियान चलाकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुंबई पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर अनिल पंडित को वांटेड आरोपी घोषित किया है। अमेरिका से अपना नेटवर्क चला रहा अनिल पंडित लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी माना जाता है। वारदात के बाद उसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट किसने मुहैया कराया था।
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