अहमदाबाद: गुजरात सरकार द्वारा सोमवार को मणिनगर स्थित ‘सेवंथ डे एडवेंटिस्ट हायर सेकेंडरी स्कूल’ का प्रशासन अपने नियंत्रण में लेने के ठीक एक दिन बाद, स्कूल प्रबंधन ने इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है। प्रबंधन ने राज्य सरकार के इस निर्णय को चुनौती देते हुए गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
10,000 छात्रों के भविष्य से जुड़ा है मामला
स्कूल प्रबंधन की ओर से हाईकोर्ट में एक विशेष सिविल याचिका (Special Civil Application) दायर की गई है, जिस पर निकट भविष्य में सुनवाई होने की संभावना है। यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि इस प्रतिष्ठित संस्थान में किंडरगार्टन (KG) से लेकर 12वीं कक्षा तक लगभग 10,000 छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं।
क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
सरकार द्वारा स्कूल का प्रशासन अपने हाथ में लेने की यह कार्रवाई करीब चार महीने पहले हुई एक दुखद घटना के बाद की गई है, जब इसी स्कूल के एक छात्र की कथित तौर पर दूसरे छात्र द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद हुई जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में पाया गया कि जिस ट्रस्ट को जमीन आवंटित की गई थी और जो संस्था स्कूल चला रही थी, उनके नामों में विसंगतियां थीं। इसके अलावा, स्कूल कैंपस के पास आवश्यक ‘बिल्डिंग यूज़’ (BU) परमिशन न होने का मामला भी सामने आया था।
सरकारी आदेश में क्या है?
सरकार द्वारा जारी प्रस्ताव में स्पष्ट कहा गया है: “छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अब स्कूल के प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। हालांकि, यह शर्त भी रखी गई है कि स्कूल में कोई नया एडमिशन नहीं लिया जाएगा।”
आदेश के अनुसार:
- गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (GSHSEB) के तहत आने वाली 11वीं और 12वीं कक्षाओं को राज्य सरकार ने अपने अधीन ले लिया है।
- निजी प्राथमिक स्कूल का अधिग्रहण ‘बॉम्बे प्राइमरी एजुकेशन रूल्स, 1949’ के प्रावधानों के तहत किया जाएगा।
- इसके साथ ही, इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) से संबद्ध प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी सेक्शन भी अब राज्य सरकार के नियंत्रण में रहेंगे।
गुरुवार को होगी अन्य याचिकाओं पर सुनवाई
सिर्फ प्रशासन के अधिग्रहण का मामला ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन ने छात्र की हत्या के बाद DEO द्वारा स्कूल के कामकाज को लेकर शुरू की गई जांच को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इन याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई सूचीबद्ध है।
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