अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस बार चर्चा का विषय देश की 250वीं वर्षगांठ से पहले लाया गया एक बेहद खास प्रस्ताव है। इस नए प्रस्ताव के तहत अब अमेरिकी कागजी मुद्रा यानी डॉलर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को शामिल किया जाएगा।
अमेरिका के इतिहास में साल 1861 के बाद यह पहला मौका है, जब करेंसी नोटों में इस तरह का कोई अहम बदलाव होने जा रहा है। अमेरिकी वित्त विभाग (ट्रेजरी डिपार्टमेंट) ने गुरुवार को इस ऐतिहासिक फैसले की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
नए नियम के अनुसार, भविष्य में छपने वाले अमेरिकी डॉलर पर ट्रेजरी सचिव के साथ-साथ राष्ट्रपति ट्रंप के भी हस्ताक्षर मौजूद होंगे। यह अपने आप में एक अनोखा कदम है, क्योंकि अमेरिकी इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब किसी पद पर मौजूद (सिटिंग) राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वहां की कागजी मुद्रा पर दिखाई देंगे।
ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस बड़े कदम के पीछे की असल वजह स्पष्ट की है। उन्होंने जानकारी दी कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य साल 2026 में होने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका के 250वें स्थापना दिवस (सेमीक्विन्सेन्टेनिअल) के भव्य समारोह को सम्मानित करना और यादगार बनाना है।
इस निर्णय के तर्क को समझाते हुए स्कॉट बेसेंट ने एक आधिकारिक बयान भी जारी किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका अभूतपूर्व आर्थिक विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अपने बयान में उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश इस समय डॉलर के स्थायी प्रभुत्व, राजकोषीय मजबूती और वित्तीय स्थिरता की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।
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