अमेरिका के एक छोटे से शहर में रहने वाले परिवार ने अपनी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट कंपनी को 1.7 अरब डॉलर (लगभग 14,110 करोड़ रुपये) में बेच दिया है। इस बड़ी डील के बाद परिवार ने अपने 540 फुल-टाइम कर्मचारियों को 24 करोड़ डॉलर (करीब 1,992 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम बोनस बांटकर सभी को हैरान कर दिया। इस हिसाब से हर एक कर्मचारी के हिस्से में औसतन 3.67 करोड़ रुपये आए हैं।
यह दिलचस्प कहानी लुइसियाना के मिंडेन स्थित फाइबरबॉन्ड नाम की कंपनी की है। वाकर परिवार ने इस कंपनी को 43 सालों तक चलाया और फिर पिछले साल इसे पावर-मैनेजमेंट की दिग्गज कंपनी ईटन (Eaton) को बेच दिया। बिक्री के समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले, कंपनी के पूर्व सीईओ ग्राहम वाकर ने एक बहुत ही खास शर्त रखी थी।
उनकी जिद थी कि कंपनी की बिक्री से मिलने वाली कुल रकम का 15 प्रतिशत हिस्सा सीधे स्टाफ को दिया जाए। हैरानी की बात यह है कि इन कर्मचारियों के पास कंपनी का एक भी शेयर नहीं था।
यह शर्त कर्मचारियों के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं थी। इस साल जून के महीने से इस बोनस का भुगतान शुरू हो गया। हालांकि, पूरी रकम हासिल करने के लिए कर्मचारियों को अगले पांच साल तक कंपनी में टिके रहना होगा।
65 साल से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों को इस नियम से पूरी तरह छूट दी गई थी, ताकि पुराने कर्मचारी जब चाहें तब अपने हिस्से की रकम लेकर रिटायर हो सकें। जब पूर्व सीईओ ग्राहम वाकर से पूछा गया कि उन्होंने 10 या 20 प्रतिशत के बजाय 15 प्रतिशत ही क्यों चुना, तो उन्होंने बहुत ही सादगी से जवाब दिया कि यह 10 प्रतिशत से ज्यादा है।
जब कर्मचारियों को इस शानदार बोनस की जानकारी मिली, तो उन्हें अपनी आंखों और कानों पर यकीन ही नहीं हुआ। एक कर्मचारी को तो लगा कि ऑफिस में कहीं कोई प्रैंक चल रहा है और उसने खुफिया कैमरे ढूंढने शुरू कर दिए। वहीं एक अन्य कर्मचारी खुशी से गोल्फ कार्ट में बैठकर हवा में मुक्का मारते हुए जश्न मनाने लगा। कंपनी के बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव हेक्टर मोरेनो ने इस पल को याद करते हुए कहा कि यह सब किसी सपने के सच होने जैसा था।
फाइबरबॉन्ड की शुरुआत साल 1982 में ग्राहम वाकर के पिता क्लॉड वाकर ने की थी। उस दौर में कंपनी ट्रेन की पटरियों के किनारे टेलीफोन और बिजली के उपकरणों के लिए ढांचे तैयार करने का काम करती थी।
साल 1998 में कारखाने में भीषण आग लग गई थी और इसके तुरंत बाद डॉट-कॉम क्रैश के कारण उनके काम की मांग भी बुरी तरह गिर गई। इस बुरे दौर में कर्मचारियों की संख्या 900 से घटकर सिर्फ 320 रह गई थी। इसके बावजूद वाकर परिवार ने मुश्किल समय में भी अपने कर्मचारियों को सैलरी देना जारी रखा, जिसके बदले में उन्हें स्टाफ की अटूट वफादारी मिली।
कंपनी के शानदार दिनों की वापसी तब हुई जब उन्होंने डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 15 करोड़ डॉलर (लगभग 1,245 करोड़ रुपये) का बड़ा दांव खेला। साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान क्लाउड सेवाओं की मांग बढ़ने से उनका यह फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ।
इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एलएनजी एक्सपोर्ट टर्मिनल्स के विस्तार ने कंपनी में ऑर्डर्स की लाइन लगा दी। महज पांच सालों में फाइबरबॉन्ड की बिक्री में करीब 400 प्रतिशत का उछाल आया, जिसने बड़ी कंपनियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इस छप्परफाड़ बोनस ने कई कर्मचारियों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया है। साल 1995 में मात्र 5.35 डॉलर (करीब 444 रुपये) प्रति घंटे की दर से काम शुरू करने वालीं लेसिया की ने अपनी इस रकम से अपना होम लोन चुका दिया और एक नया कपड़ों का बुटीक खोल लिया है।
67 साल की होंग ब्लैकवेल ने 16 साल काम करने के बाद रिटायरमेंट ले लिया और अपने पति को एक नई टोयोटा टैकोमा गाड़ी गिफ्ट की। वहीं, हेक्टर मोरेनो अपने परिवार के 25 सदस्यों को लेकर छुट्टियां मनाने मेक्सिको के कैनकन शहर चले गए।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद ग्राहम वाकर ने 31 दिसंबर को सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है। अपनी कंपनी और कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने के बाद, उनका परिवार इस सौदे से 1 अरब डॉलर (लगभग 8,300 करोड़ रुपये) से अधिक की संपत्ति के साथ विदा हुआ है।
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