पुणे के पास लोहगढ़ किले की एक गहरी खाई में 18 जून को गिरकर अपनी जान गंवाने वाले 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं। जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी के बेटे और पारिवारिक कंपनी में डायरेक्टर केतन की जान किसी हादसे में नहीं गई थी, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान उसकी 20 वर्षीय मंगेतर सिया गोयल और 22 वर्षीय प्रेमी चेतन चौधरी अब खुद को बचाने के लिए एक-दूसरे पर हत्या का आरोप मढ़ रहे हैं।
पुणे ग्रामीण पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड की परतें खोल रही है। पूछताछ के दौरान चेतन ने दावा किया है कि वह केवल सिया के साथ भागना चाहता था और हत्या की पूरी योजना सिया की ही थी। दूसरी ओर, सिया का कहना है कि केतन को रास्ते से हटाने का पूरा प्लान चेतन का था।
सिया ने पुलिस को यहां तक बताया कि जब 14 जून को किले की पिछली यात्रा के दौरान वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके थे, तो चेतन रो पड़ा था। पुलिस की जांच में यह साफ हो गया है कि अक्टूबर 2025 से प्रेम प्रसंग में पड़े इन दोनों ने मिलकर ही इस वारदात को अंजाम दिया था।
केतन और सिया की सगाई इसी साल 19 फरवरी को हुई थी। इस साल के अंत में राजस्थान में एक भव्य डेस्टिनेशन वेडिंग की तैयारियां चल रही थीं। शादी के लिए एक शानदार महल बुक किया गया था और मेहमानों को ले जाने के लिए दो विशेष विमान भी चार्टर किए गए थे। लेकिन सिया किसी भी कीमत पर केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। जांच में सामने आया है कि सिया ने बाली में होने वाले प्री-वेडिंग शूट को रोकने के लिए जानबूझकर केतन का पासपोर्ट चुरा लिया था।
पुलिस ने इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए 23 जून को सिया और चेतन को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद उन्हें 29 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। हत्या के दिन यानी 18 जून से पहले भी सिया ने केतन को दो बार, 31 मई और 14 जून को, लोहगढ़ किले पर ले जाने की साजिश रची थी।
वह 4 जून को भी उसे वहां ले जाने की जिद कर रही थी, लेकिन तब केतन की मां ने उसे जाने की इजाजत नहीं दी थी। आखिरकार 18 जून को वे उसे किले की पश्चिमी चोटी से नीचे धकेलने में कामयाब हो गए।
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपी अपना बचाव करने के लिए एक-दूसरे पर दोष मढ़ने की रणनीति अपना रहे हैं। हालांकि, पुलिस के पास इस बात के पुख्ता सबूतों की एक पूरी कड़ी है जो साबित करती है कि दोनों ही इस हत्या की साजिश में बराबर के साझीदार थे।
कॉल रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस को यह भी पता चला है कि पिछले एक साल में दोनों के बीच 4,400 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई थी। चेतन इस दौरान पकड़े जाने से बचने के लिए कई अलग-अलग फोन नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था।
अमेरिका के बोस्टन से मास्टर डिग्री पूरी करके लौटे केतन का रिश्ता बड़ी जल्दबाजी में तय हुआ था। इस साल 11 फरवरी को केतन का परिवार कर्नाटक के गुलबर्गा में एक शादी में शामिल होने गया था। यहीं उनकी मुलाकात सिया और उसके परिवार से हुई। दोनों परिवार 1990 के दशक से दूर के रिश्तेदार के रूप में एक-दूसरे को जानते थे। 12 और 13 फरवरी को बैठकों के बाद तुरंत बात पक्की हो गई और 19 फरवरी को पुणे के एक होटल में उनकी सगाई करा दी गई थी।
सिया पुणे के एक कॉलेज से कॉमर्स की पढ़ाई कर रही है और हाल ही में उसने अपना बेकरी का व्यवसाय भी शुरू किया है। वहीं, चेतन पुणे से ही बीबीए का कोर्स कर रहा है। सिया के परिवार का पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में मसालों और सूखे मेवों का व्यापार है, जबकि चेतन का परिवार भी उसी इलाके में किराने के व्यापार से जुड़ा हुआ है। जांच में पता चला है कि इन दोनों की मुलाकात पिछले साल दिवाली के जश्न के दौरान हुई थी और वहीं से इनके रिश्ते की शुरुआत हुई थी।
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