पुणे का यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। महीनों तक सिया गोयल एक ऐसी युवा महिला की तरह बर्ताव करती रही, जो अपनी शादी की तैयारियों में जुटी हो। वह पारिवारिक समारोहों में शामिल होती, अपने मंगेतर केतन अग्रवाल और उसके परिवार के संपर्क में रहती और राजस्थान में नवंबर में होने वाली शादी के सपने सजाती दिखी। मंगेतर की मौत के बाद उसने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर दुख भी जताया। लेकिन पुलिस की जांच में अब उसकी जिंदगी का एक ऐसा दूसरा खौफनाक पहलू सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस को शक है कि सिया ने 18 जून की घटना से करीब चार महीने पहले ही अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी से गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। 18 जून को लोनावाला के पास लोहगढ़ किले से कथित तौर पर धक्का देकर केतन की हत्या कर दी गई थी। सिया की इस गुप्त शादी का खुलासा आरोपियों के मोबाइल फोन से बरामद व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री और इंटरनेट सर्च रिकॉर्ड की जांच के दौरान हुआ।
पुलिस अब घटनाक्रम को पूरी तरह से स्थापित करने के लिए इस जोड़े के विवाह प्रमाण पत्र का पता लगाने की कोशिश कर रही है। तकनीकी टीमें एक निजी इंस्टाग्राम अकाउंट से डिलीट की गई उन तस्वीरों को भी रिकवर करने में जुटी हैं, जिनमें सिया और चेतन चौधरी को शादी की माला पहने हुए देखा गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि सिया के कॉलेज के दो दोस्तों ने कथित तौर पर इस शादी में गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए थे।
पुलिस को शक है कि केतन के साथ शादी की तैयारियां चलने के बावजूद इस जोड़े ने अपने निकाह को दोनों परिवारों से पूरी तरह छिपा कर रखा। यह गुप्त शादी सिया के सार्वजनिक जीवन और उसकी शातिर सोच पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जांचकर्ताओं के अनुसार, सिया लगातार केतन और उसके परिवार से जुड़ी रही और सामान्य सगाई का दिखावा करती रही।
नवंबर में होने वाली शादी के लिए रिश्तेदारों के टिकट बुक करने की तैयारियां भी शुरू हो गई थीं और इसके लिए सिया के परिवार से आधार कार्ड का विवरण मांगा जा रहा था। हालांकि, मई में सिया द्वारा अपनी एक दोस्त को भेजे गए स्नैपचैट मैसेज ने एक अलग ही कहानी बयां कर दी। इस मैसेज में सिया ने अपनी दोस्त से टिकट बुकिंग के लिए आधार कार्ड की आगे और पीछे की फोटो मांगते हुए लिखा था कि वैसे भी यह शादी नहीं होने वाली है, लेकिन फिर भी तुम इसे भेज दो।
इस खुलासे के बाद अब पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या उस दोस्त को इस कथित साजिश की पहले से कोई जानकारी थी या नहीं। जांचकर्ताओं का ध्यान 19 जून को सिया द्वारा पोस्ट की गई एक इंस्टाग्राम स्टोरी ने भी खींचा है। यह दिन उसका जन्मदिन था और केतन की मौत के ठीक एक दिन बाद का समय था। उस वक्त पुलिस ने केतन के 400 फीट गहरी खाई में गिरने को एक हादसा मानते हुए एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की थी।
सिया ने अपनी पोस्ट में लिखा था कि तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर छोड़ गए, जब हम शादी के इतने करीब थे। उसने आगे लिखा कि उसे समझ नहीं आ रहा कि केतन ने उसके साथ ऐसा क्यों किया और अंत में हिंदी में लिखा, “मेरे दिल को पता है कि तू यही है। वापस आजा।” जांच अधिकारियों का मानना है कि इस पोस्ट का मकसद लोगों की सहानुभूति बटोरना और इस हत्या को एक दर्दनाक हादसे का रूप देना था।
इस हत्याकांड की जांच में जो सबूत मिले हैं, वे बताते हैं कि पूरी साजिश पहले से रची गई थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि सिया और चेतन ने घटना से पहले लुल्लानगर के एक क्लब के पास खुली जगह पर केतन को चट्टान से धक्का देने की रिहर्सल की थी। पुलिस का आरोप है कि इससे पहले 14 जून को भी लोहगढ़ किले में केतन की हत्या का एक असफल प्रयास किया गया था।
इस यात्रा के बाद केतन काफी परेशान होकर घर लौटा था और उसने अपने पिता से पूछा था कि क्या रिश्ता तय करने से पहले सिया के बैकग्राउंड की ठीक से जांच की गई थी। केतन ने शक जताया था कि सिया किसी और के साथ रिश्ते में है और उसने अपने परिवार से बातचीत में बार-बार चेतन चौधरी के नाम का जिक्र भी किया था। हालांकि, उसके पिता ने यह कहकर उसे आश्वस्त किया था कि दोनों परिवार सामान्य रिश्तेदारों के माध्यम से जुड़े हैं, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।
अब पुलिस ने केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। डिजिटल सबूतों और इस गुप्त शादी के खुलासे ने मामले में एक नाटकीय मोड़ ला दिया है, जिससे यह साफ हो रहा है कि दुख का सार्वजनिक दिखावा दरअसल एक खौफनाक साजिश का हिस्सा था।
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