अमेरिका में काम करने वाले तेलंगाना के एक 30 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगा है। यह खौफनाक वारदात वाशिंगटन में हुई, जहां घटना के करीब नौ महीने बाद पुलिस ने इस पूरे मामले से पर्दा उठाया है। आरोप है कि इस शख्स ने शादी के महज छह महीने बाद अपनी पत्नी का गला घोंट दिया और अपने जुर्म को छिपाने के लिए एक सोची-समझी झूठी कहानी रची।
पुलिस की विस्तृत जांच में यह बात सामने आई है कि इस कत्ल के पीछे एक गुप्त प्रेम प्रसंग मुख्य वजह था। आरोपी अविनाश नार्ने भारत में रहने वाली एक अन्य महिला के साथ रिश्ते में था। चौंकाने वाली बात यह है कि पत्नी राजीता सब्बिनेनी (27) की मौत के अगले ही दिन अविनाश ने अपनी इस भारतीय प्रेमिका को पत्नी के शव की तस्वीर भी भेजी थी। स्थानीय अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में यह खौफनाक सच खुद कबूल किया है।
यह पूरी घटना अक्टूबर 2025 की है। वाशिंगटन के बेलेव्यू शहर की पुलिस को रात के समय अविनाश ने फोन कर बताया कि उसकी पत्नी ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया है और अंदर से कोई जवाब नहीं दे रही है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। वहां राजीता फर्श पर मृत अवस्था में पड़ी थी।
शुरुआत में इस मामले को एक सामान्य मौत का रूप देने की कोशिश की गई। लेकिन जब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सामने आई, तो पता चला कि राजीता की मौत दम घुटने यानी गला घोंटने के कारण हुई है। इसके बाद पुलिस ने इसे आधिकारिक तौर पर हत्या का मामला मानकर जांच तेज कर दी।
खुद को निर्दोष साबित करने के लिए अविनाश ने जांचकर्ताओं को बताया था कि वह घटना वाले दिन किसी काम से घर से बाहर गया था और करीब 40 मिनट बाद लौटने पर उसने पत्नी को बाथरूम में बंद पाया।
हालांकि, पुलिस ने जब अपार्टमेंट के फ्रंट-डोर सिक्योरिटी और स्मार्ट-लॉक सिस्टम के डेटा को खंगाला, तो आरोपी का यह झूठ पल भर में पकड़ा गया।
डिजिटल सबूतों से इस बात की पूरी तरह से पुष्टि हुई कि अविनाश कुछ देर के लिए घर से बाहर जरूर गया था, लेकिन उस दौरान कोई भी बाहरी व्यक्ति अपार्टमेंट में दाखिल नहीं हुआ। इस सुराग ने यह साफ कर दिया कि घर में किसी अज्ञात हमलावर के घुसने और हत्या करने की कोई गुंजाइश ही नहीं थी।
इस हत्या की पृष्ठभूमि कई हफ्तों से तैयार की जा रही थी। अभियोजन पक्ष के दस्तावेजों के मुताबिक, राजीता ने अपनी मौत से पहले कई बार शिकायत की थी कि उसका पति जो भी ड्रिंक बनाता है, उसका स्वाद बहुत कड़वा होता है।
मौत वाले दिन भी उसने कथित तौर पर अविनाश से कहा था कि उसके बनाए स्मूदी का स्वाद ‘दवा’ या ‘कफ सिरप’ जैसा लग रहा है। यहां तक कि जब पुलिस मौके पर पहुंची थी, तब भी आरोपी ने जानबूझकर यह दावा किया था कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब थी और शायद कफ सिरप पीने के बाद वह बेहोश होकर गिर गई होगी।
जांचकर्ताओं ने जब अविनाश के फोन रिकॉर्ड्स की गहराई से पड़ताल की, तो भारत में मौजूद उसकी प्रेमिका का पूरा सच सामने आ गया। यह रिश्ता राजीता से शादी होने के बहुत पहले से चल रहा था और शादी के बाद भी कायम रहा।
अभियोजकों ने बताया कि वह प्रेमिका इस दंपती की शादी के समारोह में भी बाकायदा शामिल हुई थी। पुलिस के मुताबिक, राजीता की मौत वाले दिन भी अविनाश ने अपनी प्रेमिका को कम से कम चार बार कॉल किया था।
राजीता की मौत के बाद करीब आठ महीने तक आरोपी खुलेआम घूमता रहा, जबकि पुलिस खामोशी से डिजिटल रिकॉर्ड्स, सबूतों और बयानों को बारीकी से जोड़ती रही। आखिरकार इस लंबी जांच के बाद बेलेव्यू पुलिस ने अविनाश को पूछताछ के लिए बुलाया और उसे हत्या के गंभीर संदेह में गिरफ्तार कर लिया। 1 जुलाई को एक स्थानीय अदालत ने उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर (प्रथम श्रेणी की हत्या) का औपचारिक आरोप तय किया, जो यह दर्शाता है कि यह कत्ल पूरी तरह से जानबूझकर और पूर्व नियोजित था।
फिलहाल यह भारतीय इंजीनियर 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 48 करोड़ रुपये) की भारी भरकम जमानत राशि पर पुलिस हिरासत में है। अगर वाशिंगटन राज्य के सख्त कानूनों के तहत उस पर लगे ये आरोप अदालत में पूरी तरह से साबित हो जाते हैं, तो उसे अपनी बाकी की पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे उम्रकैद की सजा काटते हुए गुजारनी पड़ेगी।
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