अहमदाबाद: भारत की अग्रणी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों में से एक, अडानी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने शानदार वित्तीय और परिचालन परिणामों की घोषणा की है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और गैस की कीमतों में वृद्धि जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए अपने रेवेन्यू में 27 प्रतिशत की बड़ी छलांग लगाई है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 1,910 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
कंपनी के सेल्स वॉल्यूम में भी 13 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब 303 एमएमएससीएम (MMSCM) हो गया है। इस वृद्धि में सीएनजी (CNG) की बढ़ती मांग का बड़ा योगदान रहा। सीएनजी के वॉल्यूम में 18 प्रतिशत का उछाल आया है, जबकि पीएनजी (PNG) वॉल्यूम 4 प्रतिशत बढ़ा है।
कंपनी के स्टैंडअलोन वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, इस तिमाही में एबिटडा (EBITDA) 281 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ (PAT) 133 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। वहीं समेकित (Consolidated) एबिटडा 293 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 142 करोड़ रुपये रहा।
एटीजीएल ने अपने बुनियादी ढांचे का भी तेजी से विस्तार किया है। देशभर में अब कंपनी के सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़कर 707 हो गई है। घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं का आंकड़ा भी 11.41 लाख को पार कर गया है। इस तिमाही में कंपनी ने 38 हजार से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े हैं।
इसके साथ ही इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्राहकों की संख्या 10,422 हो गई है। कंपनी ने अब तक 15,987 इंच किलोमीटर का स्टील पाइपलाइन नेटवर्क भी पूरा कर लिया है।
इंडियन ऑयल-अडानी गैस प्राइवेट लिमिटेड (IOAGPL) के साथ संयुक्त उद्यम को मिलाकर कंपनी की पहुंच और भी व्यापक हो गई है। इस संयुक्त उद्यम के साथ कुल सीएनजी स्टेशनों की संख्या 1,167 हो गई है और पीएनजी से जुड़े घरों की संख्या 13.75 लाख के पार पहुंच गई है, जिससे रोजाना 6 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ रहा है। इन दोनों का संयुक्त वॉल्यूम भी 13 प्रतिशत बढ़कर 496 एमएमएससीएम हो गया है।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, एपीएम गैस मूल्य सीमा में वृद्धि और मुद्रा के मूल्यह्रास के कारण प्राकृतिक गैस की खरीद लागत में 39 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है।
इसके बावजूद, एटीजीएल ने एक बेहद संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित की है। कंपनी ने वॉल्यूम वृद्धि को प्रभावित होने से बचाने के लिए बढ़ी हुई गैस लागत को कैलिब्रेटेड तरीके से पास किया। कंपनी को भारत सरकार द्वारा गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने और विनियामक राहत उपायों के रूप में समय पर किए गए हस्तक्षेप का भी लाभ मिला है।
सस्टेनेबल और नए युग की स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी कंपनी तेजी से कदम बढ़ा रही है। अडानी टोटलएनर्जीस ई-मोबिलिटी लिमिटेड (ATEL) ने 26 राज्यों और 226 शहरों में अपने ईवी (EV) चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया है।
अब तक 5,306 ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी क्षमता 58 मेगावाट हो गई है। वहीं, अडानी टोटलएनर्जीस बायोमास लिमिटेड (ATBL) ने इस तिमाही में 323 मीट्रिक टन सीबीजी (CBG) और 5533 टन एफओएम (FOM) की बिक्री की है।
अडानी टोटल गैस के सीईओ संजय पंडिता ने इस शानदार प्रदर्शन पर कहा कि यह मजबूत वृद्धि कंपनी के बेहतरीन परिचालन और स्वच्छ ईंधन के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती पसंद का परिणाम है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल और गैस की ऊंची कीमतों के बीच कंपनी का मुख्य फोकस आपूर्ति निरंतरता सुनिश्चित करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को अनुचित जोखिमों से बचाते हुए मूल्य सृजन करने पर रहा है। कंपनी सीएनजी, पीएनजी और ई-मोबिलिटी सहित पूरे स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में अनुशासित नेटवर्क विस्तार के माध्यम से स्थायी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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