अहमदाबाद के रहने वाले एक शख्स ने अमेरिका में खुद को बड़ी मुसीबत में डाल लिया है। आरोप है कि इस भारतीय नागरिक ने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के लिए फर्जी तरीके से अमेरिकी नागरिकता का दावा किया था। गौरतलब है कि इस चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने जीत दर्ज की थी।
मिनेसोटा में एक फेडरल ग्रैंड ज्यूरी ने भारतीय नागरिक मुकेश चौधरी पर दो गंभीर आरोप तय किए हैं। उन पर वोटिंग मशीनरी को गलत जानकारी देने और वोट डालने के लिए फर्जी अमेरिकी नागरिक बनकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज हुआ है। अगर मुकेश इन आरोपों में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें हर आरोप के लिए अधिकतम पांच साल तक की जेल हो सकती है।
मिनेसोटा राज्य के कानूनों के मुताबिक, मतदाता रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने वाले किसी भी व्यक्ति को यह शपथ लेनी होती है कि उसके पास अमेरिकी पासपोर्ट है। अभियोजकों का कहना है कि चौधरी ने 5 नवंबर, 2024 को जानबूझकर मतदाता पात्रता प्रमाण पत्र पर झूठ बोला था। उन्होंने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए खुद को एक वैध अमेरिकी नागरिक बताया था।
दूसरी ओर, न्याय विभाग के अधिकारी इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है कि संघीय जांचकर्ताओं की पकड़ में आने से पहले चौधरी ने वास्तव में अपना वोट डाला था या नहीं। अधिकारी इस बात का भी खुलासा नहीं कर रहे हैं कि आरोपी अमेरिका में कानूनी तौर पर स्थायी निवासी था या फिर बिना किसी वैध दर्जे के वहां रह रहा था।
फिलहाल, होमलैंड सिक्योरिटी और स्थानीय शेरिफ इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर चौधरी ने इतनी बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम देने की योजना कैसे बनाई।
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन सीमा और मतदान सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रवैया अपना रहा है। सरकार ने चुनाव की निष्पक्षता और गैर-नागरिकों द्वारा मतदान किए जाने के मामलों पर अपनी जांच तेज कर दी है। हालांकि अमेरिका में चुनाव के दौरान गैर-नागरिकों द्वारा वोटिंग के मामले काफी कम देखने को मिलते हैं, लेकिन अब यह मुद्दा वहां की राजनीति में एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है।
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