कांग्रेस पार्टी ने देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। एआईसीसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के कहने पर शेयर बाजार में निवेश करने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं के लिए देश से माफी मांगे।
काग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जून 2024 में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने जनता से शेयर बाजार में निवेश करने की अपील की थी और रिकॉर्ड मुनाफे का दावा किया था। इस दावे पर भरोसा कर निवेश करने वाले नागरिक आज खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। सितंबर 2024 में सेंसेक्स 85,836 पर था, जो 29 सितंबर 2026 को गिरकर 72,500 पर आ गया। इसका सीधा अर्थ है कि दो साल पहले निवेश करने वालों को मुनाफे के बजाय अपनी मूल पूंजी में साढ़े बारह प्रतिशत का नुकसान झेलना पड़ा है और ऊपर से सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) भी चुकाना पड़ा है।
कांग्रेस नेता ने अर्थव्यवस्था के विकास के झूठे आंकड़ों और वास्तविकता के बीच के बड़े अंतर को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री ने 7.8 प्रतिशत विकास दर की बात की थी, लेकिन उसी समय सेंसेक्स 3000 अंक लुढ़क गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की पूंजीवादी सोच, चहेतों को फायदा पहुंचाने की नीति और कुप्रबंधन के कारण आज अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार डूब रहे हैं।
निवेशकों पर पड़ रहे दोहरे कर की आलोचना करते हुए उन्होंने बताया कि साल 2024 में प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी और यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने मध्यम वर्ग को राहत देते हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को पूरी तरह से शून्य कर दिया था और उस समय केवल एसटीटी ही लागू था।
इसके विपरीत, मौजूदा भाजपा सरकार ने निवेशकों पर डबल टैक्स थोप दिया है। अब निवेशकों को एसटीटी के साथ-साथ एक साल में होने वाले मुनाफे (STCG) पर 20 प्रतिशत और लंबी अवधि के निवेश पर 12 प्रतिशत टैक्स चुकाना पड़ रहा है। भाजपा सरकार ने 2020 में एलटीसीजी को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.50 प्रतिशत और एसटीसीजी को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया था।
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि अब तक सरकार ने 40,214.36 करोड़ रुपये एसटीटी और 1 लाख 29 हजार करोड़ रुपये एलटीसीजी के नाम पर वसूल लिए हैं।
गोहिल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के दस वर्षों के कार्यकाल में वैश्विक मंदी के बावजूद सेंसेक्स में 398 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इसकी तुलना में भाजपा के 12 वर्षों के शासन में सेंसेक्स का ग्राफ नीचे गिरा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। पार्टी की मांग है कि शेयर बाजार में निवेश करने वाले मध्यम वर्ग से डबल टैक्स की व्यवस्था तुरंत हटाई जाए और एलटीसीजी तथा एसटीसीजी टैक्स पूरी तरह समाप्त किए जाएं। इसके साथ ही, देश की अर्थव्यवस्था को न संभाल पाने के लिए सरकार देश से माफी मांगे।
कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के शब्दों पर विश्वास करके निवेशकों को हुए नुकसान की जिम्मेदारी वे खुद लें और प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था को लेकर झूठ फैलाना बंद करके देश को पूरी सच्चाई बताएं।
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