मुंबई के दिल में बसी और एशिया की सबसे बड़ी अनौपचारिक बस्तियों में शुमार धारावी के कायाकल्प का बहुप्रतीक्षित काम अब ज़मीन पर उतर आया है। सोमवार, 12 अक्टूबर को अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के डायरेक्टर प्रणव अदाणी ने 22 एकड़ की माटुंगा रेलवे साइट पर भूमि पूजन किया। इसके साथ ही दस लाख से ज़्यादा निवासियों के सुरक्षित और आधुनिक आवास का सपना साकार होने की दिशा में पहला बड़ा कदम उठ गया है।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अदाणी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (ANDPL) संभाल रही है। यह स्पेशल पर्पस व्हीकल सुनिश्चित करेगा कि ‘इन-सीटू’ (मौजूदा जगह पर) पुनर्वास योजना के तहत पात्र निवासियों को 350 वर्ग फुट के आधुनिक घर मिलें। प्रणव अदाणी ने इस मौके पर कहा कि हर परिवार एक ऐसे सुरक्षित घर का हकदार है, जहाँ वे अपने भविष्य की योजना बना सकें। उन्होंने बताया कि माटुंगा में 10 अत्याधुनिक टावर बनाए जा रहे हैं, जिनमें 10,432 घर और 1,379 कमर्शियल तथा इंडस्ट्रियल यूनिट्स होंगी।
इन गगनचुंबी इमारतों का डिज़ाइन और निर्माण विश्वस्तरीय होगा। 37 से 39 मंज़िल वाले हर टावर में 10 से 12 पैसेंजर लिफ्ट और दो डेडिकेटेड फायर लिफ्ट होंगी। इसके अलावा कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूनिट्स के लिए दो अतिरिक्त लिफ्ट की सुविधा मिलेगी। निवासियों के बेहतर जीवन स्तर के लिए किंडरगार्टन, कम्युनिटी हॉल, पोडियम गार्डन, बैठने की जगह, सोसाइटी ऑफिस और पूजा-स्थल जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं इन परिसरों में मौजूद रहेंगी।
इस विशाल प्रोजेक्ट को आकार देने के लिए दुनिया भर के विशेषज्ञों की टीम लगाई गई है। इनमें अमेरिका की डिज़ाइन फर्म ‘सासाकी’, ब्रिटेन की इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी ‘ब्यूरो हैपोल्ड’, मुंबई की ‘स्टूडियो-पीओडी’, मशहूर आर्किटेक्ट हफीज़ कॉन्ट्रैक्टर, पी&टी और एआरसी स्टूडियो के साथ सिंगापुर के अर्बन प्लानिंग विशेषज्ञ शामिल हैं।
निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए एक सख्त समय सीमा तय की गई है। ये सभी 10 टावर महाराष्ट्र सरकार के तहत धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट/स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (DRP/SRA) को तीन चरणों में सौंपे जाएंगे। पहले पांच टावर मार्च 2029 तक, अगले दो अगस्त 2029 तक और बाकी बचे तीन टावर अगस्त 2030 तक हैंडओवर कर दिए जाएंगे।
परियोजना की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए रखरखाव का एक बेहतरीन मॉडल तैयार किया गया है। हर रिहैबिलिटेशन बिल्डिंग में व्यावसायिक क्षेत्र का दस प्रतिशत हिस्सा कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव के लिए रेवेन्यू जुटाने के मकसद से रिज़र्व रखा जाएगा। एएनडीपीएल हैंडओवर के बाद शुरुआती 10 सालों तक बिल्डिंग और शेयर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा रखरखाव करेगा।
इससे पहले, महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धारावी एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन कर भूमि पूजन किया था। मुख्यमंत्री ने धारावी को समर्पित एक विशेष एंथम लॉन्च किया और वहां के लोगों, संस्कृति तथा इतिहास पर आधारित एक कॉफी-टेबल बुक भी जारी की। 22,500 वर्ग फुट में फैला यह सेंटर निवासियों को उनके प्रस्तावित नए घरों की शानदार झलक दिखाता है, जिसमें असली आकार के सैंपल घर और थ्री-डी वॉकथ्रू शामिल हैं।
भूमि पूजन समारोह में महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। DRP/SRA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर ने इस पहल को धारावी के परिवारों के लिए एक अहम कदम बताया। वहीं, एएनडीपीएल के सीईओ अनिल सरदाना ने भरोसा दिलाया कि उनका पूरा ध्यान अब तय समय पर काम पूरा करने और लंबे समय तक बेहतरीन रखरखाव पर है।
यह पूरा प्रोजेक्ट महज कुछ इमारतों का निर्माण नहीं, बल्कि एक संपूर्ण ‘मिक्स्ड-यूज़ टाउनशिप’ का विकास है। इसमें दुकानें, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, पूजा स्थल, पार्क और सार्वजनिक परिवहन जैसी सभी सामाजिक बुनियादी सुविधाएं शामिल होंगी। इस टाउनशिप की सबसे बड़ी खूबी यह होगी कि रोज़मर्रा की सभी ज़रूरी सुविधाएं निवासियों को महज 15 मिनट की पैदल दूरी के भीतर उपलब्ध हो जाएंगी।
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