comScore सर्बिया में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन: अब बैंकर, डॉक्टर, खिलाड़ी और वैज्ञानिक के हाथों में हो सकती है देश की कमान - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

सर्बिया में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन: अब बैंकर, डॉक्टर, खिलाड़ी और वैज्ञानिक के हाथों में हो सकती है देश की कमान

| Updated: October 30, 2026 12:11

रविवार को हुए ऐतिहासिक स्नैप (मध्यावधि) चुनाव में छात्र-नेतृत्व वाले विरोध आंदोलन ने सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिच को सत्ता से बेदखल कर दिया है। एक नेताविहीन आंदोलन से उपजी इस जीत के बाद अब पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई सरकार में प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख मंत्रालयों की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। छात्रों की सूची में कई ऐसे प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जो अब देश का नेतृत्व कर सकते हैं।

पूर्व केंद्रीय बैंक गवर्नर देजान सोस्किच (59) इस पद के एक प्रमुख उम्मीदवार हैं। बेलग्रेड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र संकाय में प्रोफेसर सोस्किच ने 2010 से 2012 तक केंद्रीय बैंक के गवर्नर के रूप में कार्य किया था। उन्होंने बैंक की स्वतंत्रता से समझौता करने वाले विधायी संशोधनों के विरोध में अपना पद छोड़ दिया था और वह सालों से वुसिच सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं।

युवावस्था में बाइकर रहे सोस्किच अब एक शांत स्वभाव वाले सुधारक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने 2021 में अंतरराष्ट्रीय पारदर्शिता सूचकांकों का हवाला देते हुए कहा था कि बाल्कन राज्य में पड़ोसी देशों की तुलना में कहीं अधिक प्रणालीगत भ्रष्टाचार है, जो घरेलू और विदेशी निवेश को प्रभावित कर रहा है। उनका मानना ​​है कि विवेकपूर्ण सार्वजनिक वित्त से वेतन और पेंशन में स्थायी वृद्धि की जा सकती है।

सरकार समर्थक मीडिया ने सोस्किच पर उनके कार्यकाल के दौरान सर्बियाई मुद्रा (दीनार) के अवमूल्यन का आरोप लगाया है। इसके जवाब में उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत विफलता के बजाय तत्कालीन अनिवार्य मौद्रिक नीति संशोधनों का परिणाम बताया था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए दीनार की विनिमय दर को कमजोर करने का प्रस्ताव रखा था। इसके अलावा उन्होंने एक निश्चित विनिमय दर बनाए रखने और वेतन में कटौती कर लागत कम करने का विकल्प भी सुझाया।

कार्डियोलॉजिस्ट और प्रोफेसर इलिजा सर्डानोविच (55) एक अन्य मजबूत दावेदार हैं। नोवी साद विश्वविद्यालय के चिकित्सा संकाय में प्रोफेसर और साइकिल चलाने के शौकीन सर्डानोविच सितंबर में छात्र आंदोलन के प्रमुख उम्मीदवार बने थे। उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों में एक वक्ता के रूप में लगातार हिस्सा लिया और उत्तरी वोज्वोडिना प्रांत में ‘गार्जियंस ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन’ नामक साइकिल यात्रा में भी भाग लिया।

सर्डानोविच ने एक ऐसी विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य प्रणाली का वादा किया है, जो सभी नागरिकों की सेवा में हो और मरीजों के लिए समानता पर आधारित हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र राजनीतिक लक्ष्य एक बेहतर सर्बिया का निर्माण करना है। अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान वुसिच के साथ टेलीविजन डिबेट का निमंत्रण तक ठुकरा दिया था।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उन्होंने सर्डानोविच के साथ एक अच्छी फोन वार्ता की है, जिसमें बिना किसी देरी के नई सरकार स्थापित करने को प्राथमिकता बताया गया है। सर्डानोविच की कुछ नीतियां पिछली सरकार से बहुत अलग नहीं हैं। वह कोसोवो को सर्बिया का अभिन्न अंग मानते हैं, जिसने 2008 में स्वतंत्रता की घोषणा की थी। उनका यह भी कहना है कि फिलहाल यूरोपीय संघ में शामिल होना उनकी प्राथमिकता नहीं है, बल्कि घरेलू भ्रष्टाचार विरोधी सुधार और राष्ट्रीय अस्तित्व को बचाए रखना उनका मुख्य लक्ष्य है।

पूर्व बास्केटबॉल स्टार देजान बोदिरोगा (53) छात्र आंदोलन के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं। युगोस्लाव राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान यूरोलीग अध्यक्ष बोदिरोगा ने रविवार के चुनाव को एक अपहृत देश की वापसी की लड़ाई करार दिया था।

बोदिरोगा का खेल करियर पूरे देश में मशहूर रहा है। उन्होंने 1998 और 2002 में एफआईबीए विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक और 1996 के अटलांटा ओलंपिक में रजत पदक जीता था। 2007 में संन्यास लेने के बाद वह वरिष्ठ खेल प्रशासन में आए और 2022 में यूरोलीग के अध्यक्ष बने। चुनाव प्रचार के दौरान वह छात्र रैलियों में शामिल हुए और ग्रामीण इलाकों में लोक नृत्य में भी हिस्सा लिया। उनके समर्थक अक्सर उनके लिए 1990 के दशक का एक मशहूर नारा लगाते हैं, जिसमें कहा जाता है कि उनका भगवान बोदिरोगा है।

रसायन विज्ञान के प्रोफेसर रादोमिर सिसिच (64) छात्रों की इस चुनावी जीत का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। सर्बियन एकेडमी ऑफ साइंसेज एंड आर्ट्स (SANU) के सदस्य सिसिच ने रविवार को वुसिच की हार के बाद इसे नागरिकों की जीत बताया। वह औषधीय रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ हैं और पाश्चर संस्थान के साथ मिलकर कोविड-19 की एक विशेष परियोजना पर भी काम कर चुके हैं।

वर्ष 2024 में नोवी साद शहर में एक रेलवे स्टेशन की छतरी गिरने की घटना के बाद सिसिच भ्रष्टाचार विरोधी विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। अन्य 24 शिक्षाविदों के साथ वुसिच के इस्तीफे की मांग करने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद वह सरकार समर्थक मीडिया के निशाने पर आ गए थे। मई 2026 में उन्होंने तत्कालीन संस्कृति मंत्री निकोला सेलाकोविच के विरोध में एक कला प्रदर्शनी का बहिष्कार कर दिया था।

चुनाव प्रचार के दौरान सिसिच ने जनता से कहा था कि सर्बिया पर भीतर से कब्जा कर लिया गया है और वह छात्र आंदोलन के लिए अपनी जान भी देने को तैयार हैं। सिसिच कोसोवो को एक अस्थायी रूप से अधिकृत क्षेत्र मानते हैं और रूस के साथ ऊर्जा संबंधों का समर्थन करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि राष्ट्रपति पद से वुसिच के हालिया इस्तीफे के बाद सिसिच आगामी राष्ट्रपति चुनाव में भी एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें-

आमिर खान को मारने आए थे शूटर, फिर टाइगर श्रॉफ पर क्यों चलाई गोलियां? खौफनाक साजिश का पर्दाफाश

प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत से आगे निकलेगा बांग्लादेश, जानिए इस बड़े आर्थिक उलटफेर के असली मायने

Your email address will not be published. Required fields are marked *