भुज: कच्छ क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और प्रतिभा पलायन को रोकने के उद्देश्य से एक अहम कदम उठाया गया है। अडानी ग्रुप के क्षमता-निर्माण प्लेटफॉर्म ‘अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन’ (ASE) और गुजरात सरकार के बीच कच्छ के 11 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) की तस्वीर बदलने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
कच्छ तेजी से नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर के एक प्रमुख हब के रूप में उभर रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को इस विकास के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए आवश्यक कौशल और व्यावहारिक ज्ञान से लैस करना है।
भुज के जीएआईएमएस (GAIMS) ऑडिटोरियम में आयोजित ‘कर्म उत्सव’ कार्यक्रम के दौरान इन समझौतों का औपचारिक रूप से आदान-प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में 650 से अधिक छात्रों, शिक्षकों, नीति निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जो क्षेत्र में कौशल विकास की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।
इस महत्वपूर्ण साझेदारी के तहत मुख्य रूप से पाठ्यक्रम में सुधार, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, शिक्षकों के विकास, व्यावहारिक अनुभव और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इससे तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के साथ सीधे तौर पर जोड़ा जा सकेगा।

कार्यक्रम में श्रम, कौशल विकास व रोजगार और ग्रामीण विकास कैबिनेट मंत्री श्री कुंवरजीभाई बावलिया और राज्य मंत्री श्री कांतिलाल अमृतिया के साथ-साथ अडानी ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। श्री बावलिया ने आत्मनिर्भर कार्यबल के निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को वैश्विक स्तर का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना और स्किल इंडिया मिशन के तहत उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
राज्य मंत्री श्री कांतिलाल अमृतिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कुशल युवा ही राष्ट्र की सच्ची ताकत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये कुशल युवा भारत के आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉबिन भौमिक ने कच्छ को अपनी ‘कर्म भूमि’ बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार और ITI के साथ इस साझेदारी का लक्ष्य एक ऐसा उद्योग-तैयार कार्यबल बनाना है जो क्षेत्रीय परिवर्तन में दीर्घकालिक सहयोग दे सके।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को ‘स्किल-टू-एम्प्लॉय’ (Skill2Employ) आमंत्रण पत्र भी वितरित किए गए। बेहतरीन समग्र प्रदर्शन के लिए 22 छात्रों को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र और 30 प्रशिक्षकों को ‘ट्रेन-द-ट्रेनर’ (TTT) कार्यक्रम के तहत पूर्णता प्रमाण पत्र दिए गए। इस दौरान अडानी इकोसिस्टम में कार्यरत ITI स्नातकों ने अपनी सफलता की कहानियां भी साझा कीं।
यह पूरी पहल सिमुलेशन और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के माध्यम से छात्रों को पहले ही दिन से काम के लिए पूरी तरह तैयार कार्यबल बनाने पर केंद्रित है। ASE द्वारा ITI के कायाकल्प के लिए तैयार किए गए इस 10-सूत्रीय एजेंडे को अब देश के अन्य राज्यों में “गुजरात मॉडल” के रूप में भी पहचाना जा रहा है।
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