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अंबुजा सीमेंट्स और लीलैक का करार: गुजरात में तैयार होगा दुनिया का सबसे बड़ा लो-कार्बन सीमेंट प्रोजेक्ट

| Updated: June 22, 2026 13:40

गुजरात के कच्छ में लगेगा दुनिया का सबसे बड़ा कमर्शियल प्लांट; कोयले की खपत होगी शून्य, कार्बन उत्सर्जन घटाने और 2050 के 'नेट जीरो' लक्ष्य को पूरा करने में मिलेगी बड़ी मदद।

अहमदाबाद: अडानी समूह की सीमेंट और भवन निर्माण सामग्री कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने लो-कार्बन सीमेंट उत्पादन का दुनिया का सबसे बड़ा कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए ब्रिटेन की प्रतिष्ठित क्लीन टेक्नोलॉजी कंपनी लीलैक लिमिटेड के साथ समझौता किया है।

यह महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गुजरात के कच्छ जिले स्थित सांघीपुरम में लगाया जाएगा। यह साझेदारी अंबुजा सीमेंट्स की डीकार्बोनाइजेशन रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो 2050 तक शून्य उत्सर्जन (नेट जीरो) के लक्ष्य को पूरा करने में कंपनी की मदद करेगी।

शुरुआती चरण में अंबुजा सीमेंट्स के 6.6 एमटीपीए (MTPA) क्षमता वाले सांघी प्लांट में एक वाणिज्यिक प्रदर्शन परियोजना शुरू की जाएगी। इस दौरान लीलैक की उन्नत ‘कार्बन कैप्चर’ और ‘हाइब्रिड इलेक्ट्रिफिकेशन’ तकनीक का सघन मूल्यांकन किया जाएगा।

इस तकनीक को विशेष तौर पर उत्सर्जन घटाने, ईंधन की खपत कम करने और सीमेंट निर्माण में रिन्यूएबल (अक्षय) ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल से कोयले की खपत को घटाकर शून्य किया जा सकता है और साथ ही वैकल्पिक ईंधनों का आसानी से उपयोग किया जा सकेगा।

अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसकी क्षमता को 7 से 8 गुना तक बढ़ाया जाएगा। बड़े पैमाने पर लागू होने के बाद यह प्रोजेक्ट सालाना 10 लाख (एक मिलियन) टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड कैप्चर करने में सक्षम होगा। यह भारत और दुनियाभर में लो-कार्बन सीमेंट उत्पादन के लिए एक बड़ा और स्केलेबल मार्ग प्रशस्त करेगा।

कंपनी पहले से ही सीमेंट निर्माण में रिन्यूएबल ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने पर काम कर रही है और इसके पास लगभग 1 गीगावॉट कैप्टिव ग्रीन पावर का बैकअप है। यह नया कोलैबोरेशन कार्बन कैप्चर के अर्थशास्त्र को बेहतर बनाएगा, जिससे इसे बड़े पैमाने पर अपनाना आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होगा।

अंबुजा सीमेंट्स के निदेशक करण अडानी ने इस साझेदारी पर कहा कि सीमेंट उद्योग को लो-कार्बन भविष्य की ओर ले जाने के लिए स्पष्ट सोच, तकनीकी नवाचार और सहयोग की आवश्यकता होगी।

उन्होंने बताया कि लीलैक के साथ यह साझेदारी नई पीढ़ी की उस तकनीक का मूल्यांकन करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो ऊर्जा दक्षता में सुधार के साथ-साथ प्रक्रिया उत्सर्जन को कम कर सकती है। यह पहल भविष्य के लिए विश्व स्तरीय निर्माण संचालन बनाने के कंपनी के दृष्टिकोण के बिल्कुल अनुरूप है।

वहीं, लीलैक लिमिटेड के सीईओ डैनियल रेनी ने इस सहयोग पर खुशी जताते हुए कहा कि अंबुजा सीमेंट्स दुनिया के सबसे बड़े और सबसे उन्नत सीमेंट निर्माण नेटवर्कों में से एक का संचालन करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य वैश्विक सीमेंट उद्योग के लिए एक ऐसा समाधान पेश करना है जो सस्ता, भविष्य के अनुकूल और आसानी से दोहराए जाने योग्य हो।

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