अमित शाह “नेपथ्य के नायक” उन्हें क्रेडिट की कोई इच्छा नहीं है”: राजनाथ सिंह

| Updated: August 11, 2022 11:04 am

गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों के संग्रह “शब्दांश” पुस्तक का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया विमोचन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( Defence Minister Rajnath Singh ) ने गृह मंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah )को “नेपथ्य के नायक” (Backstage hero ) के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने बिना किसी क्रेडिट (Credit )की इच्छा के काम किया और जीवन में कड़वे अनुभवों के बावजूद अपने कर्तव्यों पर अड़े रहे।


गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों के संग्रह “शब्दांश” पुस्तक का विमोचन करते हुए, रक्षा मंत्री ( Defence Minister ) ने कहा कि गृह मंत्री राजनीति और आध्यात्मिकता के दुर्लभ मिश्रण (Rare mix of politics and spirituality )को जोड़ते हैं , उनके अध्ययन की सीमा कई लोगों को आश्चर्यचकित करेगी।

राजनाथ सिंह ( Rajnath Singh )ने जोर देकर कहा “यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि शाह एक ( Backstage hero ) हैं। उन्हें क्रेडिट की कोई इच्छा नहीं है। वह पृष्ठभूमि में रहते हैं और सरकार और पार्टी के लिए कई बड़े काम करते हैं और अभी भी उनको ( Amit Shah )इतना अध्ययन करने का समय मिलता है,” भाजपा के वरिष्ठ नेता ने अपने सहयोगी के बारे में कहा।

सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले ( Sohrabuddin Sheikh fake encounter case )का एक संदर्भ देते हुए उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री (Former Chief Minister of Uttar Pradesh) सिंह ने कहा कि भाजपा पूर्व के इस नेता को कई महीने जेल में बिताने पड़े,जांच एजेंसियों ने उन्हें इतना परेशान किया,बाद में अदालत ने उन्हें क्लीनचिट दे दी।


गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी( Prime Minister Narendra Modi) को भी निशाना बनाया गया था, गुजरात दंगों के मामले का एक संदर्भ जिसमें एसआईटी ( SIT ) ने उन्हें बाद में क्लीन चिट ( clean chit )दे दी थी।

उन्होंने कहा कि शाह को विश्वास था कि सच्चाई सामने आएगी और ऐसा हुआ भी।

सिंह ने कहा, “शाह जहां भी गए, जांच एजेंसियों ने उन्हें बुलाया और कभी भी शोर-शराबा नहीं किया और न ही कोई आंदोलन शुरू किया।”

सिंह ने कहा कि शिवानंद द्विवेदी द्वारा संपादित और रूपा द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए “लाइटहाउस” के रूप में काम करेगी।

उन्होंने कहा कि यह बदलते भारत का दस्तावेज है और उपयुक्त संदर्भों के साथ समर्थित है। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्रता के बाद देश के संघर्षों की यात्रा का वर्णन करता है, इसकी वर्तमान आकांक्षाओं पर प्रकाश डालता है और भविष्य के लिए अपने सपने को भी आगे बढ़ाता है।

उन्होंने कहा कि शाह ज्यादा नहीं बोलते हैं और कठोर लग सकते हैं, उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की अक्सर गलत व्याख्या की जाती है।

सिंह ने जोर देकर कहा कि जब गृह मंत्री बात करते हैं, तो वह सकारात्मक योगदान देते हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जटिल मुद्दों पर भी, वह अपने विचारों को सरल तरीके से रखते हैं और यही कारण है कि लोग उनकी बातों को समझते हैं और पसंद करते हैं।

राजनाथ सिंह ने अतिरिक्त तौर पर गृह मंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah ) के लिए कहा, “हर चुनौती ने उन्हें (शाह को) मजबूत बनाया। प्रशंसा या अपमान की चिंता किए बिना, वह अपने कर्तव्यों के मार्ग पर चले। शायद ही हमें राजनीति और आध्यात्मिकता का समामेलन मिलता हो, लेकिन यह उनमें है।”

उन्होंने कहा कि राजनीति समाज को सही रास्ते पर लाने के लिए है, लेकिन यह शब्द अपना अर्थ खो चुका है और लोग इसे और राजनेताओं को नकारात्मक नजर से देखते हैं, उन्होंने कहा कि शाह इसके वास्तविक लक्ष्य को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं।

रक्षामंत्री ने कहा कि उनके लिए एक “अनुज” (छोटे भाई) की पुस्तक का विमोचन करने से ज्यादा खुशी का अनुभव नहीं हो सकता है और लोगों से इसे पढ़ने का आग्रह करते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के कई विषयों पर उनके भाषणों का एक महत्वपूर्ण संग्रह है।

विविद हो कि अमित शाह ,राजनाथ सिंह (71) से 14 साल छोटे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अनुच्छेद ( 370 Article 370 )और तीन तलाक ( triple talaq ) पर संसद में अमित शाह ( Home Minister Amit Shah ) के भाषण “अद्भुत” थे और यहां तक ​​​​कि विपक्षी सदस्यों ने भी स्वीकार किया , हालांकि वे इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं कर सकते हैं, उन्होंने कहा।


अमित शाह ने कहा – मैंने मोदी जी को नजदीक से दर्द झेलते देखा, भगवान शिव की तरह विषपान किया

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