गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां मेथेनॉल युक्त शराब पीने के कारण अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 39 अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। कुल मिलाकर 46 लोग इस जहरीली शराब के गंभीर प्रभाव का शिकार हुए हैं। इस खौफनाक घटना के बाद स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) ने मामले की जांच अपने हाथों में ले ली है।
इस पूरे अवैध नेटवर्क का खुलासा मंगलवार को दर्ज हुए एक एक्सीडेंटल डेथ केस की जांच के दौरान हुआ। यह मामला पुलिस में नवनियुक्त रिक्रूट उपेन्द्रसिंह गोहिल की संदिग्ध मौत से जुड़ा था।
जिन मृतकों की पहचान हो पाई है, उनमें 25 वर्षीय उपेन्द्रसिंह गोहिल, कार्तिक मकवाना (40), कनकसिंह गोहिल (37), घनश्यामसिंह जडेजा (49), हितेश परमार (42), जय भट्टी (35) और 47 वर्षीय नरेंद्रसिंह यादव शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि वलतेज पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में मृतक नरेंद्रसिंह यादव को भी एक आरोपी के रूप में नामजद किया गया है।
शुरुआती जांच में यह खौफनाक सच सामने आया है कि इस शराब में जानलेवा स्तर तक मेथेनॉल मिलाया गया था। इस जहरीली शराब को मशहूर ब्रांड ‘रॉयल स्टैग’ के फर्जी लेबल लगी बोतलों में पैक करके धड़ल्ले से बेचा जा रहा था। जब जांचकर्ताओं ने छापेमारी की, तो वहां एक बहुत बड़ा अवैध निर्माण ढांचा मिला। मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में रसायन, रंग, तैयार की गई नकली शराब की बोतलें, फर्जी ब्रांडेड स्टिकर और स्टिकर रोल, बोतलों के ढक्कन और गत्ते की पैकेजिंग का सामान जब्त किया है।
पुलिस ने इस बड़े और संगठित गिरोह पर शिकंजा कसते हुए कुल 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से मुख्य आरोपी गौतम सोलंकी समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांचकर्ताओं के अनुसार, मुख्य आरोपी गौतम सोलंकी ने शराब बनाने के पूरे काम को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी रईस नाम के एक शख्स को सौंपी थी। यह पूरी अवैध गतिविधि रईस के साथी जुबेर और अन्य लोगों की मदद से बेखौफ चलाई जा रही थी।
इतनी बड़ी घटना सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कानून लागू करने में लापरवाही बरतने के आरोप में दो इंस्पेक्टरों सहित छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं एसएमसी ने अब अपनी जांच का दायरा भावनगर से बाहर भी बढ़ा दिया है। पुलिस की टीमें इस शराब को बनाने में इस्तेमाल किए गए कच्चे माल के स्रोतों का पता लगाने के लिए गुजरात के अन्य जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी सप्लाई चेन को खंगाल रही हैं।
इस जहरीली शराब के उत्पादन, सप्लाई और वितरण के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए जांचकर्ता लगातार काम कर रहे हैं। मामले के जांच अधिकारी एस. एम. जडेजा ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इन सभी आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए 31 अगस्त तक पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेज दिया है।
यह भी पढ़ें-
गुजरात: पुलिस में भर्ती की खुशी में बांटी गई ज़हरीली शराब, 6 की गई जान, 25 अस्पताल में भर्ती
सोमालिया तट पर हथियारों से भरे मालवाहक जहाज का अपहरण, बंधक बनाए गए 10 लोगों में 6 भारतीय शामिल








