गुजरात हाईकोर्ट ने नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद राजेशभाई परमानंदभाई को तगड़ा झटका दिया है। चुनावी हलफनामे में गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में न्यायालय ने उन्हें समन जारी कर दिया है। यह महत्वपूर्ण आदेश माननीय न्यायाधीश एस.वी. पिंटो की अदालत द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।
सांसद के निर्वाचन को चुनौती देने वाली यह अहम याचिका कांग्रेस विधायक दल के नेता तुषारभाई चौधरी ने दायर की है। अदालत में याचिकाकर्ता की ओर से एआईसीसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता शक्तिसिंह गोहिल तथा उनके सहयोगी चिंतनभाई चंपानेरी ने इस मामले की जोरदार पैरवी की।
इस याचिका में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं। भाजपा उम्मीदवार राजेशभाई ने अपने नामांकन के दौरान हलफनामे में आधिकारिक रूप से यह दावा किया था कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है। जबकि वास्तविकता में उन पर धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी आईपीसी की धारा 406, 420, 465, 467, 468 और 471 के तहत मामले दर्ज थे।
इन आपराधिक मामलों में उन्हें निचली अदालत द्वारा तलब भी किया जा चुका था। सांसद ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में भी याचिका लगाई थी, लेकिन वहां से उन्हें कोई रिलीफ या स्टे नहीं मिला था। इन सब तथ्यों को जानते हुए भी उन्होंने चुनाव आयोग से यह जानकारी पूरी तरह छिपाई, जिसके आधार पर अब उनका निर्वाचन रद्द करने की मांग हो रही है।
इस कानूनी मामले पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने एक वीडियो बयान जारी कर गुजरात हाईकोर्ट का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और हर प्रत्याशी के लिए अपने खिलाफ लंबित मुकदमों की जानकारी देना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
गोहिल ने मध्य प्रदेश के हालिया चुनावों का संदर्भ देते हुए बताया कि वहां तकनीकी आधार पर कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तुरंत रद्द कर दिया गया था। इसी समानता और तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच करने के बाद कांग्रेस की ओर से इलेक्शन पिटीशन (3/2026) हाईकोर्ट में दाखिल की गई।
अदालत ने कल इस मामले पर विस्तार से सुनवाई की थी और आज सांसद को विधिवत समन (नोटिस) जारी कर दिया है। शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि चूंकि यह मामला अभी अदालत के विचाराधीन है, इसलिए वह इस विषय पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन न्यायालय के इस कदम से न्याय की उम्मीद जगी है।
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