नई दिल्ली: एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इन नेताओं पर जंतर-मंतर परिसर में कथित रूप से बिना अनुमति प्रवेश करने (ट्रेसपासिंग) का आरोप लगाया गया है।
दरअसल, मंगलवार (13 अक्टूबर) की सुबह ये दोनों नेता दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच जंतर-मंतर परिसर में दाखिल होने में कामयाब रहे थे। वहां उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने (डी-नोटिफिकेशन) के फैसले का भी कड़ा विरोध किया। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
इस पूरी कार्रवाई पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के लिए युवाओं को जेल भेजने के कदम को सीधे तौर पर एक कायरतापूर्ण कृत्य करार दिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करते हुए जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरता है। उन्होंने आगे कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार और पूरा इंडिया (INDIA) गठबंधन अलग-अलग बैनरों के नीचे होते हुए भी एक ही उद्देश्य के लिए खड़े हैं। सभी नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और हम इसे वापस लेकर रहेंगे।
दूसरी तरफ, सीजेपी ने भी अपने नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी ने इस कदम को असहमति की आवाजों को दबाने की कोशिश बताया है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को ‘एक्स’ पर लिखा कि आशु और सौरव को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि उनका एकमात्र कसूर जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना था। दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार में असहमति को कुचलने का इतना ही दृढ़ निश्चय है, तो इन कायरतापूर्ण हथकंडों के पीछे छिपने के बजाय थोड़ी हिम्मत दिखाएं और आधिकारिक तौर पर देश में आपातकाल की घोषणा कर दें।
इससे पहले, बुधवार (14 अक्टूबर) की सुबह सीजेपी ने जानकारी दी थी कि दिल्ली पुलिस ने आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर ट्रेसपासिंग, बॉन्ड का उल्लंघन करने और सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने जैसे कई आरोप लगाए गए हैं और उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SCM) अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई थी।
सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि दिल्ली पुलिस ने इन नेताओं को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन से गिरफ्तार किया। उन्हें देर रात तक अपने वकीलों से भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई। रत्ना सिंह के मुताबिक, इन युवाओं को रात 3 बजे एक निजी वैन में संसद मार्ग थाने लाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की इन कथित गैरकानूनी कार्रवाइयों के बावजूद सभी सीजेपी नेताओं के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं।
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