मुंबई/न्यूयॉर्क, 14 अक्टूबर 2026: महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए रिलायंस फाउंडेशन और ‘द एस्टी लॉडर कंपनीज चैरिटेबल फाउंडेशन’ ने एक बहु-वर्षीय साझेदारी का ऐलान किया है। इस महा-पहल का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में दस लाख लड़कियों और युवतियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
यह विशेष कार्यक्रम 14 से 20 वर्ष की उन युवतियों के लिए तैयार किया गया है जो ग्रामीण और शहरी समुदायों से आती हैं। इसका मूल लक्ष्य लड़कियों के जीवन कौशल और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना है। इस शानदार पहल की शुरुआत सबसे पहले महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से होगी, जिसे भविष्य में देश के अन्य हिस्सों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
इस पहल के तहत लड़कियों को कई अहम मोर्चों पर तैयार किया जाएगा। डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को मजबूत करने के साथ-साथ, उन्हें शिक्षा, आजीविका और रोजगार जैसे भविष्य के विकल्पों की सटीक जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, कार्यक्रम लड़कियों में निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व कौशल और रोजमर्रा की चुनौतियों से निपटने का आत्मविश्वास भी पैदा करेगा ताकि वे अपने भविष्य से जुड़े स्वतंत्र और सही फैसले ले सकें।
रिलायंस फाउंडेशन की निदेशक, ईशा अंबानी ने इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि हर लड़की में बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास, नेतृत्व करने का साहस और अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी 10 लाख लड़कियों को उनकी पूरी क्षमता का अहसास कराने के लिए जरूरी मजबूती प्रदान करेगी। अंबानी के मुताबिक, यह एक ऐसा शक्तिशाली बदलाव लाएगा, जिसका सकारात्मक असर एक व्यक्ति से लेकर उसके परिवार और पूरे समाज तक पहुंचेगा।
द एस्टी लॉडर कंपनीज के अध्यक्ष व सीईओ और चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष, स्टीफन डी ला फावेरी ने कहा कि उन्हें इस साझेदारी पर गर्व है, जो आधुनिक वर्कफोर्स में युवतियों को सफल होने का कौशल देगी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी की स्थापना भी एक असाधारण महिला उद्यमी ने की थी और आज उनके ग्लोबल वर्कफोर्स में 80% से ज्यादा महिलाएं हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब महिलाओं को सीखने और नेतृत्व करने का मौका मिलता है, तो उसका प्रभाव बेहद व्यापक होता है।
यह साझेदारी ऐसे समय में आकार ले रही है जब भारत की आर्थिक वृद्धि अभूतपूर्व अवसर पेश कर रही है और वर्कफोर्स में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी एक बड़े बदलाव का जरिया बन सकती है। रिलायंस फाउंडेशन 2010 से ही शिक्षा, खेल और आजीविका के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण पर काम कर रहा है। वहीं, एस्टी लॉडर फाउंडेशन का भी भारत में स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्यमिता के जरिए महिलाओं को आगे बढ़ाने का 20 साल से ज्यादा का शानदार इतिहास रहा है।
इस दो वर्षीय कार्यक्रम को गैर-लाभकारी संस्था ‘गर्ल इफेक्ट’ के साथ मिलकर डिजाइन किया जा रहा है, जिसकी विशेषज्ञता का उपयोग लड़कियों के लिए बेहतर पाठ्यक्रम तैयार करने में किया जाएगा। जमीनी स्तर पर काम करने वाले विभिन्न भागीदारों के साथ मिलकर, यह कार्यक्रम लड़कियों को इन-पर्सन और डिजिटल, दोनों तरह की ट्रेनिंग उपलब्ध कराएगा।
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