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गुजरात: नवरात्रि के शुरुआती 3 दिनों में 181 पर आए 70 कॉल, हर दूसरा मामला घरेलू हिंसा का

| Updated: October 15, 2026 12:33

शक्ति की आराधना के पर्व नवरात्रि के शुरुआती 3 दिनों में ही 181 महिला हेल्पलाइन पर 70 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 50% मामले अकेले घरेलू हिंसा के हैं। गरबा स्थलों के आसपास मनचलों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने गश्त बढ़ाई।

पूरा शहर जब शक्ति की देवी की आराधना में लीन है, तब भी कई महिलाओं के लिए घर की चारदीवारी सुरक्षित नहीं है। 181 अभयम महिला हेल्पलाइन पर लगातार आ रही मदद की गुहार इसकी गवाही दे रही है। नवरात्रि के शुरुआती तीन दिनों में इस हेल्पलाइन पर कुल 70 कॉल्स दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकतर मामले महिलाओं के खिलाफ होने वाली घरेलू हिंसा से जुड़े थे।

आंकड़ों के अनुसार, इन तीन दिनों में 35 महिलाओं ने घरेलू हिंसा को लेकर शिकायत दर्ज कराई। इसका सीधा अर्थ है कि मदद के लिए की गई हर दूसरी कॉल इसी अपराध से जुड़ी थी। अगर इसमें उत्पीड़न, प्रताड़ना और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को भी जोड़ दिया जाए, तो ऐसे कुल 44 मामले सामने आए। यह संख्या हेल्पलाइन पर आई कुल कॉल्स का लगभग 63 प्रतिशत है।

हेल्पलाइन को अन्य गंभीर श्रेणियों में भी शिकायतें मिली हैं। इनमें पीछा करने (स्टॉकिंग), छेड़छाड़, बाल यौन शोषण (छेड़खानी) और बच्चों की कस्टडी से जुड़े छह मामले शामिल हैं। इसके साथ ही, विवाहेतर विवादों को लेकर पांच महिलाओं ने फोन किया, जबकि परवरिश, तनाव और आर्थिक संकट से जुड़ी नौ अन्य शिकायतें भी दर्ज की गईं।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं सिर्फ घरों के भीतर तक सीमित नहीं हैं। गरबा मैदानों से इतर, दो महिलाओं ने पीछा किए जाने और छेड़छाड़ को लेकर सहायता मांगी, जबकि एक शिकायत बाल यौन शोषण की भी सामने आई। इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस और ‘शी’ (SHE) टीमों ने प्रमुख आयोजन स्थलों और उनके आसपास गश्त तेज कर दी है, ताकि मनचलों, छेड़छाड़ और बिना अनुमति तस्वीर खींचने जैसी हरकतों पर लगाम कसी जा सके।

प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की धमकी, दुर्व्यवहार या उत्पीड़न को बर्दाश्त न करें। ऐसी किसी भी स्थिति का सामना करने वाली महिलाएं तुरंत 181 अभयम हेल्पलाइन से संपर्क कर सकती हैं या फिर आपातकालीन सहायता के लिए 112 नंबर डायल कर सकती हैं।

हालात की गंभीरता को साल 2025 के आंकड़ों से भी समझा जा सकता है। पूरे गुजरात में साल 2025 के दौरान हेल्पलाइन पर आई कुल कॉल्स में से लगभग 46 प्रतिशत शिकायतें केवल घरेलू हिंसा की थीं। इसी साल अहमदाबाद में रोजाना औसतन 54 ऐसी कॉल्स दर्ज की गईं, जो शहर के लिए हाल के वर्षों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं, पूरे राज्य स्तर पर हेल्पलाइन को हर दिन औसतन 247 घरेलू हिंसा की शिकायतें मिलीं। इसका सीधा मतलब है कि राज्य में हर छह मिनट में एक कॉल घरेलू हिंसा की शिकायत के लिए की गई।

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