अहमदाबाद से मानसून की विदाई भले ही हो गई हो, लेकिन मच्छरों का आतंक अब भी जारी है। बारिश थमने के बाद शहर में डेंगू के मामलों में अचानक से भारी उछाल आया है। इस साल अब तक दर्ज किए गए डेंगू के कुल मामलों में से लगभग 60 फीसदी केस केवल 41 दिनों (सितंबर से 11 अक्टूबर के बीच) में सामने आए हैं।
अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। 1 सितंबर से 11 अक्टूबर के बीच शहर में डेंगू के 893 मामले दर्ज किए गए, जिसका अर्थ है कि हर दिन औसतन 21 से ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। केवल अक्टूबर के शुरुआती 11 दिनों में ही 137 नए मरीज सामने आ चुके हैं।
इस साल 1 जनवरी से 11 अक्टूबर तक अहमदाबाद में डेंगू के कुल 1,481 मामले दर्ज किए गए हैं। इन कुल मामलों में से 60.3 प्रतिशत केस केवल सितंबर और अक्टूबर के दौरान ही रिपोर्ट किए गए। अकेले सितंबर महीने में डेंगू के 756 मरीजों की पुष्टि हुई थी, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
मच्छरों के पनपने पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। एएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि आवासीय कॉलोनियों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और कमर्शियल इमारतों के साथ-साथ निर्माण स्थलों की सघन जांच की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, हाउसिंग सोसाइटियों में पक्षियों के लिए रखे जाने वाले पानी के बर्तन और दिन की गर्मी में इस्तेमाल होने वाले कूलर मच्छरों के लिए सबसे बड़े ब्रीडिंग ग्राउंड बन रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे इनमें जमा पानी को नियमित रूप से बदलें और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।
शहर के गोटा, जगतपुर, चांदखेड़ा, बोडकदेव और थलतेज जैसे इलाकों में डेंगू के मामले सबसे ज्यादा बढ़ रहे हैं। इसके अलावा वस्त्राल, लांभा और निकोल से भी संक्रमण की लगातार खबरें आ रही हैं। हाल ही में हुई बारिश के बाद निगम ने 200 से अधिक ऐसे खुले प्लॉटों का सर्वेक्षण किया है, जहां बारिश का पानी जमा था।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि जलभराव वाले इन स्थानों से पानी निकालने और मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। संक्रमण की इस रफ्तार को रोकने के लिए आने वाले दिनों में जांच अभियान और तेज किए जाएंगे।
डेंगू के अलावा अन्य जलजनित और मच्छर जनित बीमारियों के आंकड़े भी डराने वाले हैं। 1 जनवरी से 11 अक्टूबर के बीच शहर में साधारण मलेरिया के 468, फाल्सीपेरम मलेरिया के 92 और चिकनगुनिया के 17 मामले दर्ज किए गए। इसी अवधि में गैस्ट्रोएंटेराइटिस के 4,184, पीलिया के 634 और टाइफाइड के 1,758 केस भी सामने आए हैं।
अक्टूबर के पहले 11 दिनों की बात करें तो गैस्ट्रोएंटेराइटिस के 56, पीलिया के 23 और टाइफाइड के 73 नए मरीज अस्पताल पहुंचे हैं। इस दौरान पीने के पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए 2,368 बैक्टीरियोलॉजिकल सैंपल भी लिए गए थे, जिनमें से छह सैंपल उपभोग के लिए पूरी तरह से अयोग्य पाए गए हैं।
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