वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति अक्सर बेहद नपे-तुले बयानों, पहले से तय पटकथाओं और सलाहकारों द्वारा तैयार की गई चमचमाती तस्वीरों के दायरे में सिमटी होती है। लेकिन फ्रांस में आयोजित इस साल के जी-7 शिखर सम्मेलन में कुछ ऐसा हुआ, जिसने दुनिया को दिखा दिया कि बंद कमरों के पीछे ये राष्ट्राध्यक्ष भी हम और आप जैसे आम इंसानों की तरह ही व्यवहार करते हैं।
शिखर सम्मेलन के सबसे यादगार पल युद्ध, वैश्विक व्यापार, मुद्रास्फीति या अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों से नहीं निकले। इसके बजाय, वे उन चालू रह गए अनौपचारिक माइक्रोफोनों (हॉट-माइक) से निकलकर आए, जिन्होंने नेताओं की सिगरेट, फुटबॉल, जन्मदिन के तोहफों और खोई हुई घड़ियों के बारे में की गई बेहद निजी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। इन पलों ने सत्ता के पीछे छिपे वास्तविक इंसानी चेहरों की एक बेहद दिलचस्प झलक दुनिया के सामने पेश की है।
जब मेलोनी के सिगरेट छोड़ने पर बजीं तालियां
बैठक के एक सत्र की शुरुआत से पहले जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से बेहद सहजता से पूछ लिया कि क्या उन्होंने सुबह सिगरेट पी थी। मेलोनी के जवाब ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया।
मेलोनी ने मुस्कुराते हुए अपनी बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि का खुलासा किया कि उन्होंने पहली मई से सिगरेट नहीं छुई है। उनके इस जवाब को सुनते ही मेज पर बैठे सभी वैश्विक नेताओं ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची और यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों ने इस जश्न में हिस्सा लिया। अपनी इस तारीफ का आनंद लेते हुए मेलोनी ने दोनों हाथ हवा में उठाकर अपनी जीत का इजहार किया। तभी कनाडा के पीएम कार्नी ने अपने हाथ की ओर इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या आप निकोटीन पैच का इस्तेमाल कर रही हैं, जिसके बाद पूरा कमरा ठहाकों से गूंज उठा।
वैश्विक कूटनीति के बीच फुटबॉल और यूएफसी का तड़का
लेक जिनेवा के किनारे दोपहर के भोजन के दौरान गंभीर वैश्विक संकटों को दरकिनार कर नेताओं के बीच फुटबॉल पर चर्चा शुरू हो गई। उत्तरी अमेरिका में होने वाले आगामी फीफा विश्व कप को लेकर नेता काफी उत्साहित दिखे।
बातचीत के दौरान किसी ने फ्रांस की टीम का हौसला बढ़ाते हुए ‘अलेज़ ले ब्लूज़’ का नारा लगाया, तो किसी ने पेरिस सेंट-जर्मेन की हालिया चैंपियंस लीग जीत का जिक्र किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी मौजूदा विश्व चैंपियन स्पेन के खिलाफ केप वर्डे के शानदार ड्रॉ मैच की तारीफ करते हुए इसे वाकई उल्लेखनीय बताया।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खेल की चर्चा को एक अलग ही दिशा दे दी। अपने 80वें जन्मदिन के जश्न के दौरान व्हाइट हाउस में यूएफसी (UFC) इवेंट की मेजबानी करने वाले ट्रंप ने यूएफसी अध्यक्ष डाना व्हाइट और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की बढ़ती लोकप्रियता पर खुलकर बात की।
ट्रंप का रहस्यमयी ‘ग्रीनलैंड’ शब्द
शिखर सम्मेलन का एक सबसे हैरान करने वाला पल तब आया जब राष्ट्रपति ट्रंप और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा आपस में बात कर रहे थे। माइक ने ट्रंप की केवल इतनी ही आवाज पकड़ी जिसमें वे पूछ रहे थे कि क्या आप समझ रहे हैं? इसके बाद एक संक्षिप्त ठहराव आया और ट्रंप ने सिर्फ एक शब्द कहा—’ग्रीनलैंड’।
इसके आगे की बातचीत माइक्रोफोन में रिकॉर्ड नहीं हो सकी। ट्रंप की ग्रीनलैंड को खरीदने की पुरानी इच्छा जगजाहिर है, जिसने अतीत में यूरोपीय सहयोगियों के साथ तनाव भी पैदा किया था। अब यह साफ नहीं है कि ट्रंप मजाक कर रहे थे या कोई गंभीर कूटनीतिक चर्चा, लेकिन इस एक शब्द ने कौतूहल जरूर पैदा कर दिया।
मैक्रों की छूटी घड़ी और ट्रंप की मजाकिया मांग
वर्किंग लंच के लिए इकट्ठा होते समय फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी घड़ी टेबल पर ही भूल गए। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की नजर इस पर पड़ी और उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि वह अपनी घड़ी यहीं छोड़ गए हैं, यह हमारे पास है।
तभी पास ही मौजूद ट्रंप ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वह इसे भूल गए हैं, तो यह मुझे दे दो, मुझे दे दो। इस वाकये ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसी गंभीर बहसों के बीच कुछ पलों के लिए माहौल को बेहद हल्का-फुल्का और खुशनुमा बना दिया।
आखिर मैक्रों ने ट्रंप को साइकिल क्यों दी?
फ्रांस में अगले साल आल्प्स की पहाड़ियों में होने वाली साइकिलिंग विश्व चैंपियनशिप के प्रचार के लिए मैक्रों ने सभी जी-7 नेताओं को एक-एक पर्सनलाइज्ड साइकिल उपहार में दी। यह उपहार विशेष रूप से चर्चा में रहा क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप को गोल्फ के अलावा अन्य शारीरिक व्यायामों से दूर रहने के लिए जाना जाता है। हालांकि साइकिल मिलने पर ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया क्या थी, यह माइक में रिकॉर्ड नहीं हो सका।
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भी ट्रंप को एक खास उपहार दिया। उन्होंने ट्रंप को जर्मनी की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की, जिस पर ट्रंप का नाम और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल को दर्शाता है। ट्रंप ने मुस्कुराते हुए जर्सी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। मर्ज़ ने बाद में इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आखिरकार, हम दोनों एक ही टीम में हैं।
‘मेलोडी’ की सोशल मीडिया पर धमाकेदार वापसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मौजूदगी वाले इस शिखर सम्मेलन में इंटरनेट की सबसे पसंदीदा कूटनीतिक दोस्ती का अगला अध्याय दिखना तय था। पारंपरिक सामूहिक तस्वीर के समय दोनों नेताओं के बीच बेहद गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई।
मेलोनी ने मुस्कुराते हुए कहा कि आपसे दोबारा मिलकर बहुत अच्छा लगा। इसके बाद पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर उनकी साझा लोकप्रियता का जिक्र किया, जिस पर मेलोनी हंसते हुए बोलीं कि हां, हम इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा मशहूर हैं। इस पल ने सोशल मीडिया पर ‘मेलोडी’ ट्रेंड को एक बार फिर जिंदा कर दिया।
मैक्रों बने कूटनीतिक मध्यस्थ
सभी हॉट-माइक पल सिर्फ मजाक तक सीमित नहीं थे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को यूक्रेन युद्ध के संबंध में ट्रंप की भूमिका पर गुप्त चर्चा करते सुना गया।
मैक्रों ने जेलेंस्की से कहा कि कल कैमरे के सामने हमारी बातचीत काफी कठिन रही थी। जब जेलेंस्की ने बताया कि वह जल्द ही ब्रसेल्स जा रहे हैं, तो मैक्रों ने पूछा कि क्या उनकी ट्रंप के साथ कोई द्विपक्षीय बैठक तय हुई है। जेलेंस्की के ना कहने पर मैक्रों ने तुरंत कूटनीतिक पहल करते हुए कहा कि ठीक है, मैं इस बैठक का इंतजाम करवाता हूं।
ट्रंप के सामने कनाडा की गुप्त दलील
एक अन्य माइक्रोफोन ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और ट्रंप के बीच हुई बेहद महत्वपूर्ण बातचीत को रिकॉर्ड किया। कार्नी चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के आयात को सीमित करने के संबंध में कनाडा द्वारा हाल ही में तय की गई व्यवस्था के बारे में ट्रंप को समझा रहे थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति को आश्वस्त करते हुए कार्नी ने कहा कि यह हमारे बाजार का तीन प्रतिशत से भी कम यानी केवल 49,000 कारें हैं। हमने इस पर एक सख्त सीमा तय की है और मुझे लगा था कि आपको यह कदम जरूर पसंद आएगा। ट्रंप ने अपनी चिरपरिचित शैली में संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि यह अच्छा है, मुझे यह पसंद आया।
जब बंद कैमरों के पीछे की हकीकत सामने आई
शिखर सम्मेलन के आधिकारिक घोषणापत्र हमेशा रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक सहयोग और वैश्विक प्रतिबद्धताओं की बात करते हैं। लेकिन ये चालू रह गए माइक्रोफोन एक अलग ही कहानी बयां करते हैं।
ये पल कूटनीतिज्ञों को सिगरेट छोड़ने पर बधाई देते, घड़ियों और साइकिलों पर मजाक करते और बैठकों के लिए पर्दे के पीछे की गोटियां फिट करते दिखाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये वाकये दुनिया को याद दिलाते हैं कि हर बड़े भाषण के पीछे एक ऐसा इंसान होता है जो हास-परिहास और सहजता से भरा हुआ है।
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