गुजरात सरकार द्वारा एनालॉग (कृत्रिम) पनीर की बिक्री, उत्पादन और खपत पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के एक दिन बाद ही राज्यभर में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने भी बेहद सख्त रुख अपना लिया है। प्रशासन ने सभी निर्माताओं, विक्रेताओं, थोक व्यापारियों, रेस्तरां, होटल, कैटरर्स और अन्य खाद्य कारोबारियों को इस नकली पनीर का उपयोग न करने की कड़ी चेतावनी दी है।
एएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निगम के अधिकार क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति या इकाई नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करता पाया गया, तो उस पर कठोरतम कार्रवाई होगी। एनालॉग पनीर रखने, इस्तेमाल करने या बेचने वालों के सीधे लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे और उनकी इकाइयां सील कर दी जाएंगी। इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम तथा गुजरात प्रांतीय नगर निगम अधिनियम के तहत अदालत या संबंधित अधिकारी के समक्ष सीधा मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि एनालॉग पनीर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और वितरण को जड़ से खत्म करने के लिए यह सघन निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। गुरुवार को विभागीय अधिकारियों ने अहमदाबाद भर की डेयरियों और पनीर निर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए 22 नमूने एकत्र किए गए। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान एनालॉग पनीर का कोई स्टॉक बरामद नहीं हुआ।
अहमदाबाद में प्रतिबंध लागू होने से पहले भी खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत प्रतिष्ठानों की लगातार निगरानी की जा रही थी। तब कारोबारियों को यह स्पष्ट रूप से बताने के निर्देश दिए गए थे कि वे अपनी डिश में असली दूध वाले पनीर का उपयोग कर रहे हैं या एनालॉग का।
पिछले छह महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो एएमसी के स्वास्थ्य निरीक्षकों ने कुल 218 नमूने एकत्र किए थे। इनमें से 57 नमूने जांच में घटिया क्वालिटी के पाए गए। इन 57 में से 23 एनालॉग पनीर के थे और 34 नमूनों में मिल्क फैट की मात्रा तय मानक से कम या ज्यादा पाई गई थी। इन सभी मामलों में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 51 और 52 के तहत निर्णयकर्ता अधिकारी के समक्ष आरोप दायर किए जा चुके हैं। इन धाराओं के तहत दोषियों पर 5 लाख रुपये तक के भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान है।
प्रतिबंधित डेयरी उत्पादों के खिलाफ यह मुहिम सिर्फ अहमदाबाद तक सीमित नहीं है। सूरत नगर निगम (एसएमसी) ने भी गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 235 किलोग्राम एनालॉग चीज (चीज़) जब्त कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया। यहां खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तीन अलग-अलग टीमों ने डेयरी उत्पादों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री से जुड़े 14 प्रतिष्ठानों की गहन जांच की।
उधर, राजकोट के लाटी प्लॉट इलाके में स्थित पारेवड़ी चौक पर भी एक दुग्ध उत्पाद कंपनी का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने वहां से एनालॉग चीज, लो-फैट प्रोटीन पनीर और सामान्य पनीर के तीन नमूने जांच के लिए भेजे हैं। इस कंपनी को साफ-सफाई और भंडारण में गंभीर खामियों के चलते प्रशासन की ओर से नोटिस भी थमाया गया है।
छापेमारी की ऐसी ही एक और सख्त कार्रवाई जामनगर में भी देखने को मिली। वहां एक पिज्जा आउटलेट पर छापा मारकर 12 किलो एनालॉग पनीर जब्त किया गया, जिसे अधिकारियों ने तुरंत नष्ट कर दिया। राज्यभर में चल रही इस कार्रवाई से प्रशासन ने यह साफ संदेश दे दिया है कि आम जनता की सेहत से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
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